उत्‍तर कोरिया ने किया मिसाइल परीक्षण, अमेरिका ने लिया ये एक्‍शन

नई दिल्लीः नॉर्थ कोरिया के हाइपरसोनिक मिसाइल प्रक्षेपण के बाद बाइडेन प्रशासन ने बुधवार को प्रतिबंध लगाए हैं. ये प्रतिबंध प्योंगयांग मिसाइल लेकर जारी बयान के बाद लगाया गया है. इसके तहत नॉर्थ कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के समर्थन या लिंक के लिए उत्तर कोरियाई और रूसी व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं.

छह नॉर्थ कोरियन पर लगाया गया बैन
 बाइडेन प्रशासन के अनुसार, कुल मिलाकर, छह उत्तर कोरियाई, एक रूसी और एक रूसी फर्म को प्रतिबंधित किया गया है. वाशिंगटन का कहना है कि ये लोग रूस और चीन से कार्यक्रमों के लिए अवैध रूप से सामान खरीदने के लिए जिम्मेदार थे. प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए आतंकवाद और वित्तीय खुफिया कोष के अंडर सेक्रेटरी ब्रायन ई नेल्सन ने एक बयान में हथियारों के लिए सामानों की अवैध खरीद करने का उल्लेख किया.

परमाणु निरस्त्रीकरण के आह्वान के बावजूद प्रक्षेपण 
 इस बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई सामूहिक विनाश के हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों का मुकाबला करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है और  हथियारों के लिए अवैध रूप से सामान खरीदने के लिए विदेशी प्रतिनिधियों पर भी कार्रवाई की जाती रहेगी. नेल्सन ने कहा कि नॉर्थ कोरिया द्वारा किया गया नया मिसाइल लांच इस बात का और सबूत है कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कूटनीति और परमाणु निरस्त्रीकरण के आह्वान के बावजूद किया गया. 

पिछले पांच महीनों में छह प्रक्षेपण
जारी बयान में ट्रेजरी विभाग ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) के साथ “संवाद और कूटनीति” की मांग करने के लिए प्रतिबद्ध है. हालांकि, विभाग ने यह भी कहा है कि अमेरिका डीपीआरके के “गैरकानूनी हथियार कार्यक्रमों” से अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए उत्पन्न खतरे को भी संबोधित करना जारी रखेगा. प्रतिबंध डीपीआरके सितंबर 2021 से छह बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण कर चुका है. इनमें से प्रत्येक ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों का उल्लंघन किया है.

चीन और रूस में मौजूद थे प्रतिबंधित नॉर्थ कोरियन
बयान के अनुसार, उत्तर कोरियाई के जिन लोगों को प्रतिबंधित किया गया है. उनमें से एक चो म्योंग ह्योन है. वह रूस में था और उसने उत्तर कोरिया की सेकंड प्राकृतिक विज्ञान अकादमी (एसएएनएस) को सहायता प्रदान की थी. वहीं, चीन में मौजूद चार उत्तरी कोरियाई प्रतिनिधियों पर भी कार्रवाई की गई है. इनके नाम सिम क्वांग सोक, किम सोंग हुन, कांग चोल हक और प्योन क्वांग चोल है. ये सभी एसएएनएस के तहत आने वाले संगठनों में काम करते हैं. 

किम जोंग ने किया परीक्षण का निरीक्ष
इस बीच, नॉर्थ कोरियन स्टेट मीडिया के अनुसार, देश के नेता किम जोंग ने व्यक्तिगत रूप से हाइपरसोनिक मिसाइल के सफल परीक्षण का निरीक्षण किया. यह प्रशिक्षण परमाणु हथियार संपन्न देश द्वारा एक सप्ताह से भी कम समय में किया गया इस तरह का दूसरा प्रक्षेपण है. राज्य समाचार एजेंसी केसीएनए ने कहा कि इस परीक्षण ने “हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल की बेहतर गतिशीलता” का प्रदर्शन किया है. दावा किया गया है कि मिसाइल ने करीब एक हजार किलोमीटर (620 मील) दूर एक लक्ष्य भेदा था. 

इनपुट (एजेंसी)