मिस्र: टीचर को बेली डांस करना पड़ गया भारी, चुकानी पड़ी बड़ी कीमत

काहिरा: मिस्र में एक स्कूल की महिला शिक्षक को महज इसलिये बर्खास्त कर दिया गया, क्योंकि उनके बेली डांस का एक वीडियो वायरल हो गया था. इतना ही नहीं महिला को उसके पति ने भी तलाक दे दिया है. वीडियो वायरल होने के बाद पहले बर्खास्तगी और फिर तलाक के बाद रूढ़िवादी मिस्र समाज में महिला अधिकारों को लेकर एक राष्ट्रीय बहस छिड़ गई है. 

सामाजिक कार्यक्रम में लिया था हिस्सा
महिला का नाम अया यूसेफ है. वह नील डेल्टा के एक प्राथमिक स्कूल में अरबी पढ़ाती थीं. महिला नील नदी पर एक नाव में सहकर्मियों के साथ सामाजिक कार्यक्रम में बेली डांस कर रही थी. इस दौरान बिना उनकी अनुमति के किसी ने डांस का वीडियो बना लिया. इसके बाद पहले महिला शिक्षक को ‘कदाचार’ के लिए निकाल दिया गया और बाद में पति द्वारा तलाक भी दे दिया गया. 

आलोचना का हुई शिकार
ट्विटर पर वायरल हुए वीडियो में यूसेफ चार अन्य शिक्षकों के साथ मिस्र की एक लोकप्रिय संगीत की धुन पर नाच रही थी, जबकि अन्य लोग उनके लिए तालियां बजाते हैं. वीडियो देखने के बाद आलोचकों ने सार्वजनिक रूप से नृत्य करने के लिए शिक्षकों की निंदा की. वहीं, अन्य लोगों ने इस डांस को पांचों लोगों की निजता का उल्लंघन बताया. एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा कि महिला ने शर्मनाक हरकत की है. इस डांस से पता चलता है कि हम बेहद खराब दौर में रह रहे हैं. वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा कि मिस्र में शिक्षा निम्न स्तर पर पहुंच गई है. संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए. 

हंसी-मजाक करना गुनाह है क्या?
 मिस्र के अखबार अल मसरी अल यूम से बात करते हुए परेशान यूसेफ ने कहा कि वीडियो ने उनके पारिवारिक जीवन को बर्बाद कर दिया है. वीडियो वायरल होने के बाद सब कुछ उल्टा हो गया. मेरे पति ने तलाक दे दिया. मैंने कुछ गलत नहीं किया. मैंने बस यात्रा में शामिल सभी लोगों की तरह ही आनंद लिया था. नाव पर मौजूद सहकर्मियों के साथ मस्ती की हंसी-मजाक किया, लेकिन लोगों ने मेरी ऐसी निंदा की कि जैसे कि कोई अपराध किया हो. यूसेफ ने बताया कि यह यात्रा परिवारों के लिए आयोजित की गई थी. इस दौरान उनके तीन बच्चे भी साथ थे, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद स्कूल में गेट से अंदर नहीं जाने दिया गया. मेरी नौकरी समाप्त कर दी गई. मुझे भी अन्य लोगों की तरह जीवन जीने, खेलने और डांस करने का अधिकार है.  

समर्थन में आये लोग
मिस्र में महिला अधिकारों की वकालत करने वाले अधिवक्ताओं ने कहा कि शिक्षक ने कुछ भी गलत नहीं किया. वह समाज के कुछ गंदे लोगों के प्रताड़ना का शिकार बन गई. वहीं, बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, मिस्र के महिला अधिकार केंद्र के प्रमुख डॉ. निहाद अबू कुमसन ने यूसेफ को अपने कार्यालय में नौकरी की पेशकश की है और उन्हें शिक्षा मंत्रालय से अपना कान्ट्रेक्ट लाने के लिए कहा है, जिससे उनकी बर्खास्तगी के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज की जा सके.

इनपुट (एजेंसी)