रूस के साथ ‘AK 203’ राइफल के समझौते की अड़चनें दूर, अगले महीने हो सकते हैं हस्ताक्षर

Vladimir Putin’s Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की अगले महीने होने वाली भारत यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच लंबे समय से लंबित ‘AK-203’ कलाशनिकोव राइफल खरीद समझौते पर ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत हस्ताक्षर कर सकते हैं. इससे संबंधित घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों ने यह जानकारी मंगलवार को दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ शिखर वार्ता करने के लिए रूप से के राष्ट्रपति पुतिन अगले महीने भारत यात्रा पर आने वाले हैं. सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) की अध्यक्षता में हुई ‘रक्षा खरीद परिषद’ (DAC) की बैठक में राइफल के संयुक्त उपक्रम के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई और ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है कि इस समझौते में आने वाली अड़चनों को दूर कर लिया गया है.

पांच हजार करोड़ का है सौदा

करीब पांच हजार करोड़ रुपये के इस सौदे के तहत, भारत और रूस संयुक्त उपक्रम उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक उत्पादन इकाई में 10 साल के भीतर छह लाख से ज्यादा ‘ए के 203’ राइफलों का निर्माण करेगा. सूत्रों ने बताया कि कीमत सहित विवादास्पद मुद्दों को सुलझा लिया गया है. दोनों पक्षों ने पिछले साल सिंह की मॉस्को यात्रा के समझौते को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी. संयुक्त उपक्रम द्वारा AK 203 कलाशनिकोव राइफलों के निर्यात की संभावना तलाशने की भी उम्मीद है. PM मोदी के साथ शिखर वार्ता के लिए पुतिन के 6 दिसंबर को भारत आने की संभावना है.

टेक्नोलॉजी ट्रांसफर है बड़ा मुद्दा

माना जा रहा है कि इस डील में आखिरी बड़ा मुद्दा टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (Techonology Transfer) करने का है, जिसे अभी सॉल्व नहीं किया गया है. भारतीय सेना को मिलने वाली 7.5 लाख राइफलों में से पहली 70,000 रूस से मंगाई जाएंगी, क्योंकि टेक्नोलॉजी का ट्रांसफर धीरे-धीरे होता है. इन्हें प्रोडक्शन प्रोसेस शुरू होने के 32 महीने बाद सेना को दिया जाएगा.

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