ओपी राजभर विवादित बयानों का दूसरा नाम है यह नेता, जो मुंह में आता है बोले देते हैं, पढ़ें उनके सबसे विवादित 5 बयान

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के नजदीक आने के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. विपक्षी पार्टियों को अपने से कमतर दिखाने के लिए नेता कुछ भी बयान दिए जा रहे हैं. ऐसा ही कुछ बयान मंगलवार को भाजपा से अलग होकर सपा से 2022 चुनाव के लिए गठबंधन करने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर ने दिया. अलीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार में आने के बाद वह ऐसा कानून बनाएंगे, जिसके तहत स्कूल नहीं भेजने वाले माता-पिता को जेल भेज दिया जाएगा. उनके इस बयान को लेकर भाजपा हमलावर हो गई है. आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब राजभर ने विवादित बयान दिया है. यह वो नेता हैं, जिनकी छवि ऐसी है कि  जो मुंह में आता है बोले देते हैं. इससे पहले भी वह कई विवादित बयान दे चुके हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 विवादित बयानों के बारे में….

1- निरहुआ को बोले नचनिया -बजनिया
बीते दिनों एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राजभर ने भाजपा नेता और भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव ऊर्फ निरहुआ को नचनिया-बजनिया कह दिया. यह बयान उन्होंने निरहुआ के उस बयान के बाद दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अखिलेश और सपा को एक रंग से नफरत है. भगवान श्रीकृष्ण भी उस दिन खून के आंसू रोएं होंगे जिस दिन तुष्टिकरण की राजनीति के लिए आप लोग अयोध्या में रामभक्तों की जान ले लिए.

2- जिन्ना को पीएम बनाते तो देश का बंटवारा नहीं होता
इससे पहले पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में, उन्होंने बयान दिया था कि अगर आजादी के बाद जिन्ना को पीएम बना देते तो, देश का बंटवारा नहीं होता. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि अटल बिहारी वाजपेई और लालकृष्ण आडवाणी खुद जिन्ना की तारीप करते थे. हालांकि, उनसे जब इस बारे में और सवाल पत्रकारों ने किया तो, वो भड़क गए और कहा कि जिन्ना के अलावा आप लोग मंहगाई पर सवाल क्यों नहीं पूछते.

3- मोदी-योगी का जूता साफ करते हैं भाजपा की पिछड़ी जाति के नेता
यूपी के मऊ में अपनी एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव 2022 में सपा की सरकार बनवाने के लिए अखिलेश को यहां लेकर आए हैं. हालांकि इस दौरान उनकी जुबान एकबार फिर फिसल गई. उन्होंने कहा कि भाजपा में जितने भी पिछड़ी जाति के नेता हैं, वह मोदी-योगी का जूता साफ करते हैं. उनके इस बयान को लेकर भी खूब बवाल मचा था.

4- भाजपा को जमीन में दफन कर दूंगा
इससे पहले एक चुनावी संभा को संबोधित करते हुए उन्होंने डेप्यूटी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को भी लेकर विवादित बयान दे दिया था. इस दौरान उन्होंने कहा कि 2022 में भाजपा को दफन कर दूंगा. इसीलिए अखिलेश यादव को लेकर आया हूं और उनकी पार्टी से गठबंधन किया हूं. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि अगर केशव प्रसाद मौर्या जातिगत जनगणना कराने की बात करें तो भाजपा उन्हें खुद पार्टी से बाहर कर देगी.

5- जितना खर्चा BJP दो महीने में करती है, उतने का शराब पी जाते हैं हमारे बिरादरी
सुभसपा के 19वें स्थापना दिवस पर आयोजित महापंचायत में सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) की आलोचना के दौरान राजभर ने प्रदेश के खजाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘जितना भारतीय जनता पार्टी दो महीने में खर्चा करती है, उतना एक महीने में हमारे बिरादर खाली दारू पी जाते हैं.’ हालांकि, अगले ही पल राजभर ने लोगों से पूछा कि शराब बंद होनी चाहिए कि नहीं. उन्होंने कहा, ‘कितने लोग चाहते हैं कि दारू बंद हो जाए. दोनों हाथ उठाकर बताइए कि दारू बंद करना चाहते हैं. ठीक रहेगा?’

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