Jaipur: परिन्दों के लिए बजी खतरे की घंटी, वायरस से सांभर झील में 58 पक्षियों की मौत

Jaipur: सांभर झील (Sambhar Lake) और आस-पास क्षेत्रों में दो साल बाद फिर से पक्षियों में वायरस (Virus in Birds) फैल गया है. यहां पिछले सात दिनों से लगातार कौओं और अन्य पक्षियों की मौत हो रही है. भोपाल लैब (Bhopal Lab) से आई रिपोर्ट में मरने वाले कौआ में वायरस की पुष्टि हुई है. हांलाकि अभी तक सभी मृत पक्षी जयपुर (Jaipur News) जिले के सांभर क्षेत्र में ही मिले हैं. एडिशनल डायरेक्टर (मॉनिटरिंग) ने भोपाल से आई जांच रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि की है. 

क्षेत्र में रैपिड रिस्पोंस टीम (Rapid Response Team) तैनात की गई है. कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा (Antar Singh Nehra) ने लगातार पक्षियों की मौत के बाद कलेक्ट्रेट में पशुपालन, निकाय, पंचायतराज और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई. बैठक में बताया कि सांभर में कौओं सहित अन्य पक्षियों में वायरस है. वो एच5 एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5 N1 Avian Influenza Virus) है. 

यह भी पढ़ेंः जयपुर से नहीं मिट रहा गंदगी का दाग, दोनों निगम स्वच्छता सर्वे के पायदान में नीचे लुढ़के

सांभर क्षेत्र में पिछले सात दिन में अब तक 58 से ज्यादा कौए और अन्य पक्षी मृत मिल चुके हैं. कौओं की मौत के बाद वन विभाग और पशुपालन विभाग के साथ-साथ डब्लूसीओ संस्था के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर मृत कौओं को एकत्रित कर रहे हैं. उन्होंने घायल पक्षियों का ट्रीटमेंट शुरू कर दिया है. 

बर्ड फ्लू (Bird flu) की पुष्टि के बाद अलर्ट जारी कर दिया है. पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फुलेरा-सांभर नोडल क्षेत्र के लिए रेपिड रिस्पांस टीम का गठन कर दिया गया है. सैम्पलिंग टीम को पर्याप्त PPE किट और दवाईयों की पूरी सप्लाई कर दी गई है. जिला प्रशासन और अन्य विभागों के साथ मिलकर एहतियात कदम उठाए जा रहे हैं.  साथ ही जगह-जगह सोडियम हाइपोक्लोराइड का छिड़काव भी शुरू कर दिया गया है. 

वर्गमील में फैली झील के लिए सिर्फ 15 कर्मचारी, पर्याप्त संसाधन भी नहीं है. वर्तमान में प्रशासन वन विभाग के 12 और पशु पालन विभाग के 3 कर्मचारियों के भरोसे बैठा है, जबकि सांभर झील 90 स्क्वायर मील में फैली हुई है. न तो पशु चिकित्सालय में पर्याप्त दवाएं है और न ही कोई संसाधन.

गौरतलब है कि अक्टूबर 2019 में सांभर झील में भयंकर पक्षी त्रासदी हुई थी, जिसमें करीब 25 हजार से अधिक पक्षी एवियन बोटुलिजम बीमारी से मौत के आगोश में समा गए थे. यदि समय रहते इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो 2 वर्ष पूर्व हुई त्रासदी कि फिर पुनरावृति हो सकती है. कलेक्टर नेहरा ने बताया कि एच5 एन1 की पुष्टि होने के बाद जिलेभर में रेपिड एक्शन टीम का गठन कर दिया गया है. एडीएम नॉर्थ बीरबलसिंह को इसकी मॉनिटरिंग सौंपी गई है. वन विभाग और पशु चिकित्सालयों के अधिकारियों के लगातार संपर्क में रहकर मृत पक्षियों का निस्तारण कराया जा रहा है. 

यह भी पढ़ेंः स्वच्छ सर्वेक्षण 2022: रैकिंग गिरने के बाद भी तैयारियों में नहीं जुटे Jaipur के दोनों निगम

बहरहाल, हालांकि राहत की बात यह है कि मृत पक्षी सांभर झील के आसपास नहीं मिले हैं. ज्यादातर मृत कौए सांभर नगर पालिका के डंपिंग यार्ड के 500 मीटर के दायरे में मिले हैं लेकिन अब इसका दायरा बढ़ता जा रहा है. वन विभाग की ओर से रेस्क्यू सेंटर में कर्मचारी तैनात हैं. रतन तालाब के पास अस्थाई रेस्क्यू सेंटर खोला गया है. तैनात कर्मचारी सांभर झील में भी लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि झील में आए पक्षियों के बारे में जानकारी मिलती रहे.