कुशीनगर के बेटे ने गरीबी को हराकर चमकाया जेवलिन का हुनर, नेशनल ओपन में करेगा UP का प्रतिनिधित्व

पवन कुमार मिश्र/कुशीनगर: दो वक्त की रोटी का ठिकाना नहीं है, पेट भरने के लिए परिवार को मजदूरी करनी पड़ती है. ऐसे में नौकरी नहीं, खेल को करियर के रूप में चुनना बहते पानी पर कुछ लिखने की कोशिश करने जैसा है. लेकिन कुशीनगर जिले के चिलवान गांव का एक किशोर ने यह साबित कर दिखाया है कि यदि हिम्मत और जुनून हो तो कोई भी चीज लक्ष्य पाने से नहीं रोक सकती है.

पेट भरने के लिए परिवार को करनी पड़ती मजदूरी
“तू भी है राणा का वंशज, फेंक जहां तक भाला जाए” को आदर्श वाक्य मानने वाला कुशीनगर के रामकोला विकास खंड के गांव चिलवान निवासी इंद्रजीत सहानी के पिता विजय बहादुर के पास महज 40 डिसमिल खेत है. इस खेत में इतना अनाज नहीं पैदा होता है कि इंद्रजीत के 4 भाईयों और माता-पिता को दो वक्त की रोटी मिल सके. पेट भरने के लिए पूरे कुनबे को मजदूरी करनी पड़ती है. टूटी झोपड़ी ही सहारा बनी है. गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में उसकी प्रारंभिक शिक्षा हुई. 

वीर बहादुर सिंह ने किया तराशने का काम
वर्ष 2018 की बात है, जब गांव के पास रेलवे की खाली पड़ी जमीन पर इंद्रजीत बच्चों के साथ खेला करता था. उसके गेंद फेंकने अंदाज को देख कर एथलीट रहे वीर बहादुर सिंह की नजर उस पर पड़ी.  दुर्घटना के कारण खेल की दुनिया से दूर हुए वीर बहादुर सिंह ने उसे तराशने का मन बना लिया और उसे जेवनिल थ्रो का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया. इस समय इंद्रजीत की उम्र महज 14 वर्ष की थी. 

खेल के आड़े आई गरीबी, लेकिन नहीं रुके कदम
इंद्रजीत बताता है खेलने में गरीबी आड़े आने लगी. कोच वीर बहादुर सिंह की प्रेरणा से वह हर हाल में खेल जारी रखने लगा. रुपये की व्यवस्था के लिए एक हॉट मिक्सर प्लांट में मजदूरी और चौकीदारी करने लगा. जिससे छोटा सा कमरा भी मिल गया जिसमें रहकर अपनी पढ़ाई भी करता है. कोच भी थोड़ी बहुत मदद कर देते थे. इंद्रजीत के मुताबिक खेल ग्राउण्ड नहीं होने के कारण रेलवे की खाली जमीन को साफ-सुथरा कर उसी पर जेवनिल थ्रो की प्रैक्टिस करने लगा. 

शानदार प्रदर्शन से ओपन नेशनल जेवनिल थ्रो में यूपी का प्रतिनिधित्व करने का मिला मौका 
जिला, मंडल पर आयोजित प्रतियोगिताओं में इंद्रजीत की शानदार प्रदर्शन के चलते हरदोई में आयोजित प्रदेश स्तरीय खेल में 57 मीटर भाला फेंक कर शानदार प्रदर्शन किया. इसका नतीजा यह हुआ है 23 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित ओपन नेशनल जेवनिल थ्रो में यूपी का प्रतिनिधित्व करने के लिए इंद्रजीत को मौका दिया गया है. 

इंद्रजीत के चयन से ग्रामीणों में खुशी
बगैर किसी प्रशिक्षण और खेल ग्राउण्ड के ऊंची- नीची जमीन पर प्रैक्टिस कर नेशनल प्रतियोगिता में इंद्रजीत के जगह पाने से गांव और क्षेत्र को लोग बेहद खुश हैं. इंद्रजीत को भाला फेंकने में मदद कर रहे वीर बहादुर सिंह का कहना है कि इंद्रजीत जेवनिल थ्रो का बेहतरीन खिलाड़ी है. यदि थोड़ी सरकारी सुविधाएं और बेहतर ट्रेनिंग मिल जाय तो वह विदेशों तक में भारत का झंडा गाड़ सकता है. 

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