Brimato: कृषि वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता! एक ही पौधे में लगेंगे बैंगन-टमाटर, इन्हें मिलेगा फायदा

नई दिल्लीः भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की. ग्राफ्टिंग टेक्निक के जरिए ऐसे पौधे को विकसित कर दिया, जिसमें टमाटर और बैंगन का उत्पादन एक साथ हो सकेगा. इसे ब्रमॅटो (Brimato) नाम दिया गया. माना जा रहा है कि शहर वासियों के लिए यह काफी फायदेमंद साबित होगा. उन्हें बहुत कम जगह में लगाए एक ही पौधे से टमाटर और बैंगन दोनों सब्जियां प्राप्त हो सकेंगी. 

कारगर है ग्राफ्टिंग का तरीका
सब्जियों का प्रॉडक्शन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक इन दिनों ग्राफ्टिंग का सहारा ले रहे हैं. इसके तहत एक ही परिवार की दो सब्जियों को ग्राफ्ट कर तैयार किया जाता है. जिससे कि एक ही पौधे से दोनों के फल मिल पाएं. कम जगह में ज्यादा सब्जियों के उत्पादन के लिए ही ग्राफ्टिंग का तरीका अपनाया जा रहा है, जो काफी कारगर भी साबित होता नजर आ रहा है.  

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‘Pomato’ के बाद ‘Brimato’
ICAR और भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी (IIVR) ने कुछ दिनों पहले ग्राफ्टिंग तकनीक से पॉमॅटो (आलू-टमाटर) का सफलता से उत्पादन किया था. वहीं अब ब्रमॅटो को तैयार किया. जानकारी मिली है कि बैंगन की पौध के 25 से 30 दिन और टमाटर की पौध के 22 से 25 दिन बाद ग्राफ्टिंग को अंजाम दिया गया. 

इस तरह प्रक्रिया से गुजारा
बैंगन रूटस्टॉक- IC 111056 (बैंगन का एक प्रकार) की करीब 5 फीसदी रोपाई में दो शाखाएं डेवलप करने की प्रवृत्ति पाई गई. ग्राफ्टिंग, साइड/स्प्लिस तरीके से हुई, जिसके तहत रूटस्टॉक और स्कोन दोनों में 5 से 7 MM के तिरछे कट लगाए गए. ग्राफ्टिंग के बाद पौधे को निश्चित वायुंडलीय स्थिति में रखा गया, जहां तापमान, आर्द्रता और प्रकाश को शुरुआती 5 से 7 दिनों के लिए बेस्ट टेम्परेचर पर रखा गया. फिर 5 से 7 दिनों के लिए आंशिक छाया में भी रखा. 

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वाणिज्यिक उत्पादन पर अभी भी रिसर्च जारी
IIVR, वाराणसी के वैज्ञानिकों ने बताया कि ग्राफ्टिंग ऑपरेशन के 15 से 18 दिनों के बाद ग्राफ्टेड पौधों को खेत में प्रत्यारोपित किया. शुरुआती डेवलपमेंट के दौरान बैंगन और टमाटर के वंशज दोनों में संतुलित विकास को बनाए रखने के लिए सावधानी बरती गई. वहीं ग्राफ्टिंग की गई जगह पर कुछ भी दिक्कत आते ही इसे तुरंत हटा दिया गया. 

जरूरत के हिसाब से दी खाद 
वैज्ञानिकों ने बताया कि पौधों में जरूरत के अनुसार ही खाद दी, रोपाई के 60-70 दिनों बाद पौधे से सफलता पूर्वक टमाटर और बैंगन दोनों के फल आने लगे. एक ही पौधे से 2.383 किलो टमाटर और 2.64 किलो बैंगन मिले. वर्टिकल गार्डन या पॉट कल्चर में एक ही पौधे से दो सब्जियों का उत्पादन हो सके, इसके लिए शहरी और उपनगरीय क्षेत्र सबसे बेहतर है. ग्राफ्टेड ब्रमॅटो के उत्पादन पर ICAR-IIVR, वाराणसी में अभी भी रिसर्च जारी है. 

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