UPSC पासआउट कैंडिडेट से जानिए सफलता के मंत्र, CM ने बताया- तीन तरह के अफसर होते हैं, जानिए

भोपाल: राजधानी में राज्य सरकार द्वारा आयोजित UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) में सिलेक्टेड कैंडिडेट के सम्मान समारोह में UPSC-2020 में ओवरऑल सेकेंड रैंक हासिल करने वाली जागृति अवस्थी समेत अन्य युवाओं ने देश की सबसे बड़ी परीक्षा को क्लियर करने और सफलता हासिल करने के मंत्र दिए. सभी ने कहा कि सेल्फ मोटिवेशन, टाइमिंग और आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि हमेशा पॉजिटिव लोगों से घिरे रहने और स्मार्ट वर्क करना चाहिए.  

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सीएम शिवराज ने कही कविता 
इस मौके पर  CM शिवराज सिंह चौहान ने चुने गए युवाओं के बीच सोहनलाल द्विवेदी की कविता ‘लहरों से डरकर नैया पार नहीं होती, मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती’ भी सुनाई.  साथ ही  UPSC क्लियर करने वाले युवाओं का CM शिवराज सिंह और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मान किया.

जानिए कैंडिडेट से सफलता के मंत्र
– सम्मान समारोह के दौरान जागृति अवस्थी ने कहा कि हिम्मत रखिए और खुद पर यकीन रखिए. लगातार प्रयास करेंगे तो आगे जरूर बढ़ेंगे. हर बाधा से लड़कर आगे बढ़ें.
– 18वीं रैंक हासिल करने वाली राधिका गुप्ता ने कहा कि धैर्य और संयम परीक्षा ने सिखाया है. असफलता भी बहुत जरूरी है, क्योंकि यह संवेदना सिखाती है.
–  महिदपुर उज्जैन के ऋषभ रूणवाल ने मंत्र देते हुए कहा कि खूब मेहनत करो. उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि कर्म किए जा, फल की चिंता मत कर.
– वहीं 292 रैंक हासिल खरगोन की निमीषी त्रिपाठी ने कहा कि इंटर्नल मोटिवेशन होना बहुत जरूरी है. तभी आप आगे बढ़ सकेंगे. सेल्फ मोटिवेशन, टाइमिंग और कॉन्फिडेंस  बहुत जरूरी है.
– कैंडिडेट विनीत बंसोड़ ने कहा कि जो सफल हुए उनसे सीखना बहुत जरूरी है, लेकिन उनसे भी सीखें जो सफल नहीं हुए. 

CM बोले- जनता की बेहतरी के लिए काम करें
सीएम शिवराज ने नसीहत देते हुए कहा कि जनता की बेहतरी के लिए काम कीजिए. मैं सारे अफसरों का जानता हूं कि कौन कैसा है. अफसर 3 तरह के होते हैं. पहले वाले रूटिन का काम ही करते हैं. दूसरे वो जिन्हें काम रोकने में मजा आता है. और तीसरे वो जो नियम प्रक्रियाओं के बावजूद भी सही काम कर देते हैं.

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बुच साहब का नाम कौन भूल सकता है? 
सीएम ने कहा कि कलेक्टर चाहे तो पूरे जिले की सूरत को बदल सकता है. बुच साहब का नाम कौन भूल सकता है? आज भी उनके चर्चे बैतूल में होते हैं. मैं एक अफसर की बात नहीं कर रहा हूं, अनेक ऐसे हैं, जिन्होंने इतिहास रच दिया. प्रदेश का विकास तो किया ही लोगों का भला भी किया.

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