खंडवा उपचुनाव के अजब-गजब उम्मीदवार; ड्राइवर, टेलर, किसान से लेकर मजदूर तक उतरे मैदान में

खंडवाः मध्य प्रदेश की तीन विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में नाम वापसी की प्रक्रिया भी अब पूरी हो गई है. खंडवा लोकसभा सीट पर भी नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई. जिसके बाद अब उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों सहित कुल 16 प्रत्याशी मैदान में हैं. लेकिन इन 16 उम्मीदवारों की बड़ी मजेदार और रोचक जानकारी निकलकर सामने आई है. इन उम्मीदवारों में पूर्व विधायक, मजदूर, किसान, डॉक्टर, वकील, वसूली एजेंट, टेलर मास्टर, ड्राइवर, आशा कार्यकर्ता तक चुनाव मैदान में उतरे हैं. 

किसी ने नहीं लिया नाम वापस 
दरअसल, खंडवा सीट पर कुल 17 लोगों ने नामांकन दाखिल किया था, जिनमें से एक प्रत्याशी मोनू गौड़ का नामांकन किसी गलती के चलते निरस्त हो गया. जिसके चलते मैदान में 16 उम्मीदवार बचे लेकिन किसी भी प्रत्याशी ने चुनाव से नाम वापस नहीं लिया. यानि अब सभी उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे. बीजेपी-कांग्रेस के अलावा अब बाकि सभी निर्दलीय प्रत्याशियों को निर्वाचन आयोग की तरफ से कल चुनाव चिन्ह भी दे दिया जाएगा.  

दरअसल, खंडवा लोकसभा सीट पर बीजेपी ने ज्ञानेश्वर पाटिल को प्रत्याशी बनाया है, जो बुराहानपुर जिले के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं, इसके अलावा कांग्रेस ने राजनारायण सिंह पुरनी को प्रत्याशी बनाया है जो तीन बार कांग्रेस की तरफ से विधायक रहे चुके हैं. लेकिन इसके अलावा जो 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है उनकी जानकारी थोड़ी रोचक है. 

खंडवा में रोचक उम्मीदवार 

  • रमेश कुमार सोनी खंडवा में एक योग केंद्र चलाते हैं वह भी इस बार चुनावी मैदान में है. 
  • 10वीं तक पढ़ी मथुराबाई राजपूत पेशे से आशा कार्यकर्ता है, वह भी एकमात्र महिला प्रत्याशी के तौर पर अपनी किस्मत आजमा रही है. 
  • पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार भोजराज 6वीं पास है, इसके अलावा वह टेलिरंग का काम भी करते हैं 
  • रफीक मोहम्मद वंचित बहुजन पार्टी से चुनाव मैदान में है वह केवल 10वीं तक पढ़े हैं 
  • हरेसिंह मंशाराम डॉक्टर है, वह भी दिल्ली जाने अपनी किस्मत आजमा रहे हैं
  • चंपालाल पेशे से ड्राइवर है वह भी चुनाव में दम दिखा रहे हैं 
  • आईटीआई डिप्लोमा कर सोलर एनर्जी पर काम करने वाले चेतन राठौर भी चुनाव मैदान में हैं 
  • बुरहानपुर के रहने वाले जहीर उद्दीन अधिवक्ता है और चुनाव लड़ रहे हैं 
  • नौवीं तक पढ़े दारासिंह भी चुनाव मैदान में है वह खेतीबाड़ी करते हैं. 

बीजेपी-कांग्रेस ने लगाया जोर 
खंडवा लोकसभा सीट बीजेपी-कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सबब बन गई है. ऐसे में दोनों दल यहां पूरी ताकत के साथ प्रचार में जुटे हैं. बीजेपी की तरफ से जहां खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोर्चा संभाल रखा है. तो कांग्रेस की तरफ से अब कमलनाथ भी पूरी तरह से एक्टिव हो गए हैं. 

खंडवा लोकसभा क्षेत्र में 19 लाख से ज्यादा वोटर्स हैं
खंडवा लोकसभा सीट पर 19 लाख से ज्यादा वोटर्स हैं. ऐसे में चुनाव आयोग ने खंडवा संसदीय सीट के लिए  2900 ईवीएम मशीने उपलब्ध कराई हैं. खंडवा लोकसभा सीट पर अब कुल मिलाकर 16 प्रत्याशी चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. जहां जनता 30 अक्टूबर को इनकी किस्मत की कहानी ईवीएम में कैद कर देगी, जो 2 नवंबर को खुलेगी, जिसमें देखना होगा कि किसका भाग्य उदय होगा. 

खंडवा संसदीय क्षेत्र में 8 विधानसभा सीटें आती हैं 
खंडवा संसदीय सीट के तहत खंडवा जिले की खंडवा, मांधाता, पंधाना, बुराहानपुर जिले की  बुरहानपुर, नेपानगर, खरगोन जिले की बड़वाह, भीकनगांव और देवास जिले की बागली विधानसभा सीटें शामिल हैं. पिछले 2018 के विधानसभा चुनाव में चार सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी, जबकि तीन सीटें बीजेपी के खाते में गई थी और एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी. जबकि लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जीत हासिल की थी. 

खंडवा लोकसभा सीट पर अब तक 16 लोकसभा चुनाव हुए हैं
2019 के लोकसभा चुनाव सहित खंडवा सीट पर अब तक हुए 16 आम चुनावों में से 9 बार कांग्रेस ने जीत हासिल की है तो 7 बार बीजेपी ने भगवामय किया है, जबकि एक बार लोकदल ने यहां खाता खोला था. 1996 से बीजेपी के नंदकुमार सिंह चौहान इस सीट पर लगातार जीत हासिल कर रहे थे, लेकिन 2009 के चुनाव में कांग्रेस के अरुण यादव ने उनकी जीत पर ब्रेक लगा दिया था. लेकिन 2014 और फिर 2019 में नंदकुमार सिंह ने अरुण यादव हराया. 

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