पाकिस्तान से आकर अजमेर में झाड़-फूंक कर था ISI आतंकी, दिल्ली पुलिस ने किया खुलासा

Ajmer: विश्व स्तरीय धर्म स्थलों की वजह से विख्यात अजमेर (Ajmer News) पर एक बार फिर आतंक का साया लहराता हुआ नजर आ रहा है. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए आई एस आई के पाकिस्तानी आतंकवादी (Pakistani Terrorists) मोहम्मद अशरफ (Mohammad Ashraf) से पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि अशरफ लंबे समय तक अपनी पहचान छुपा कर अजमेर रहा था.

वहीं, अशरफ ने यहां अपना ठिकाना मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र दरगाह इलाके को बनाया था. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाह (DCP Pramod Kushwaha) ने इस बात की पुष्टि की है कि आतंकवादी अशरफ कुछ समय तक राजस्थान के अजमेर में दरगाह इलाके में रुका था. 

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आतंकवादी अशरफ के अजमेर आने और लंबे समय तक ठहराव करने के पीछे उसका क्या उद्देश्य था. फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है लेकिन सूत्रों का मानना है कि पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई आतंकी (ISI Terrorists) गतिविधियों के लिए अजमेर का इस्तेमाल करना चाहती है और यह बात पूर्व में भी कई बार सामने आ चुकी है. 

झाड़-फूंक का काम
फिलहाल जो जानकारियां निकल कर सामने आ रही हैं. उसके अनुसार आतंकवादी मोहम्मद अशरफ यहां अजमेर में अपनी पहचान को छुपा कर रुका था और छोटे-मोटे काम करने के साथ ही वह यहां झाड़-फूंक का काम भी किया करता था. 

आईएसआई आतंकी क्यो रुका अजमेर
दिल्ली पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर मोहम्मद अशरफ ने अपने लंबे ठहराव के लिए अजमेर को क्यों चुना. साथ ही, वह अपने इस ठहराव के दौरान अजमेर में किन लोगों के संपर्क में रहा और यहां उसकी क्या गतिविधियां रही. सबसे बड़ी बात यह है कि क्या आतंकवादी मोहम्मद अशरफ यहां किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में तो नहीं था. 

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आतंकवादी मोहम्मद अशरफ के अजमेर ठहराव को लेकर चिंता इस बात की भी है कि कहीं उनके निशाने पर हिंदू आस्थाओं का सबसे बड़ा मुकाम तीर्थराज पुष्कर (Pushkar) तो नहीं था. इस चिंता के पीछे की सबसे बड़ी वजह पूर्व में मुंबई हमलों के आरोपी कोलमैन हेडली का भी पुष्कर आना और यहां इजराइली धर्मस्थल बेदखाबाद की रेकी करना भी है.

पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक कोलमैन हेडली का भी सीधा कनेक्शन आईएसआई (ISI) से ही था. यही वजह है कि देश की खुफिया एजेंसी की चिंताओं को मोहम्मद अशरफ के अजमेर ठहराव ने बढ़ा दिया है. वहीं, इस मामले का एक रोचक पहलू यह भी है कि अभी तक इस पूरे मामले में अजमेर पुलिस को किसी भी तरह की जानकारी या सूचना साझा नहीं की गई है.