कृषि विधेयक में संशोधन के लिए किसानों के सुझावों का स्वागत, उनका हित ही मकसद है- गन्ना मंत्री सुरेश राणा

नीरज त्यागी/ मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश सरकार में गन्ना मंत्री सुरेश राणा मुज़फ्फरनगर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. वहां उन्होंने मिडिया से कृषि कानून पर बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों से प्रभावित होकर दूसरी पार्टियों के लोग भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे हैं. उन सभी का भारतीय जनता पार्टी में स्वागत है. इसके अलावा, गन्ना मंत्री ने बताया कि सरकरा ने कोरोना काल की विकट परिस्थितियों में देश की एक भी शुगर मिल को बंद नहीं होने दिया. 

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यूपी की कानून व्यवस्था बनेगी रोल मॉडल
लखीमपुर कांड को लेकर राणा ने कहा है कि केस की लगातार न्यायिक जांच हो रही है. उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था अन्य राज्यों के लिए भी रोल मॉडल बनी है. लगातार कड़ी कार्रवाई करना, किसी को भी कानून को हाथ में नहीं लेना और लखीमपुर कांड पर भी तुरंत फैसला करते हुए सीएम योगी ने न्यायिक आयोग का गठन किया है. साथ ही उसकी जांच प्रारम्भ हो गई है. सभी तथ्य सामने आ रहे हैं. सारे तथ्यों के आधार पर हम कानूनी कार्रवाई करेंगे. 

किसानों के हित के लिए 7 साल से काम कर रही है सरकार
राणा ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 7 साल में किसानों के हित में बड़े फैसले लिए हैं. MSP की बात की जाए तो गेंहू की MSP 13 से लेकर दो हजार तक पहुंची. खाद के बंद कारखाने चलाने का काम मोदी जी ने किया. किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह जी कहा करते थे कि खेत और खलियान से देश की तरक्की का रास्ता निकलता है. गांव के स्ट्रक्चर को मजबूत करने का काम भी पीएम मोदी ने किया है. गांव की बिजली अलग, खेत की बिजली अलग, ये काम भी मोदी और योगी की सरकार में हुआ है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि पीएम मोदी और सीएम योगी ने किसानों के हित के लिए बड़े काम किये हैं. कृषि विधेयक भी उसी का एक हिस्सा है.

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कृषि विधेयक को बेहतर बनाने के लिए किसान दे सकते हैं सुझाव
लेकिन, अगर फिर भी किसी किसान भाई को लगता है कि उसके पास कोई ऐसा सुझाव है जो और भी बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है तो भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा अच्छे सुधार और सुझाव का स्वागत किया है. हमारे कृषि मंत्री ने 12 दौर की वार्ता की. पीएम मोदी ने भी कहा कि वह सिर्फ एक कॉल की दूरी पर हैं. किसी भी किसान नेता या किसी भी किसान भाई के पास कोई ऐसा सुझाव है, जिससे कृषि कानून में संशोधन किया जा सकता है तो सदा ही भाजपा ने दरवाजे खुले रखे हैं.

सरकार का केवल एक उद्देश्य- किसानों की आय बढ़ाना
सुरेश राणा का कहना है कि मोदी जी का उद्देश्य केवल किसानों का भला करना है. किसानों की आमदनी को बढ़ाना है. इसलिए किसी को लगता है कि इस कृषि कानून में कुछ और संशोधन की आवश्यकता है, तो किसान भी सुझाव दें. उनके सभी सुझाव पर विचार होगा और भारतीय जनता पार्टी हमेशा किसानों के सुझाव के लिए तैयार है.

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