मंदसौर, नीमच, रतलाम, धार, और उज्जैन के किसान लहसुन की इन किस्मों से हो सकते हैं मालामाल

भोपाल: इन दिनों सब्जियों के भाव में तेजी दिख रही है. प्याज, टमाटर से लेकर ज्यादातर सब्जियां महंगी हो गई हैं. इसका असर हमारी थाली पर साफ दिख रहा है. सब्जियों के भाव पैदावार पर निर्भर करते हैं. इन्हीं में एक सब्जी है लहसुन जोकि मसाले की वैरायटी में आती है. इसकी मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच, रतलाम, धार, और उज्जैन में अच्छी होती है. ये जिले लहसुन की खेती के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं. लेकिन कई बार किसानों को अच्छी फसल होने का नुकसान भी उठाना पड़ता है. बीज के सही किस्मों का चयन किसानों के लिए हर खेती में फायदा पहुंचा सकता है. आज हम आपको लहसुन की खेती के बारे में बताएंगे.

लहसुन की खेती के लिए मध्य प्रदेश कृषि विभाग प्रदेश की जलवायु और मिट्टी को ध्यान में रखते खेती की सलाह देते हैं. इन किस्मों से अच्छी पैदावार तो होती ही है. वहीं फसल को रोग और कीटों से लड़ने में भी सक्षम होते हैं.

कौन-कौन सी किस्में होती हैं बढ़िया
यमुना सफेद 1 (जी-1): यमुना सफेद 1 (जी-1) इसके प्रत्येक शल्क कन्द ठोस और बाहरी त्वचा चांदी की तरह सफेद ए कली क्रीमी रंग की होती है. 150-160 दिनों में तैयार हो जाती है, पैदावार 150-160 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है.

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यमुना सफेद 2 (जी-50): इसकी फसल शल्क कन्द ठोस त्वचा सफेद गुदा, क्रीम रंग का होता है. पैदावार 130.140 क्विंटल प्रति हेक्टयर हो जाती है. फसल 165-170 दिनों में रेडी हो जाती है. इसके बीज की फसल बैंगनी धब्बा और झुलसा रोग से प्रभावमुक्त होती है.

यमुना सफेद 3 (जी-282): लहसुन की इस फसल में शल्क कन्द सफेद बड़े आकार व्यास क्लोब का रंग सफेद और कली क्रीम रंग की होती है. एक शल्क में 15-16 कलियां होती हैं. यह प्रजाति चार से पांच महीनों में तैयार हो जाती है. अगर पैदावार की बात करें तो 175-200 क्विंटल/ हेक्टेयर होती है. यमुना सफेद 3 किस्म निर्यात में अच्छी मानी जाती है.

यमुना सफेद 4 (जी-323): इसका फल सफेद बड़े आकार का होता है. पोथी सफेद और कलियां क्रीम रंग की होती है. एक पोथी में 22-23 कलियां होती हैं. इसकी फसल 5-6 महीने में तैयार हो जाती है. इसकी पैदावार 200-250 क्विंटल/हेक्टेयर होती है. लहसुन की यह किस्म भी निर्यात के लिए उम्दा होती है. लहसुन की इन किस्मों के अलावा प्रदेश में महादेव, अमलेटा किस्म की खेती भी किसान कर सकते हैं. इन किस्मों की भी पैदावार अच्छी होती है.

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