उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बढ़ रहे डेंगू के मरीज, यहां जानें शहरों का हाल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में डेंगू के केसेस आए दिन बढ़ रहे हैं. बीते दिन के मुकाबले हर दिन ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में सतर्कता बरतना बेहद जरूरी हो गया है और खुद के साथ अपनों का ख्याल रखना भी आवश्यक है. बताते हैं यूपी के कुछ जिलों स्थिति चिंताजनक हो रही है. यह है यूपी के कुछ जिलों का हाल…

डेंगू और जानलेवा बुखार के बीच मथुरा CMO के बयान से नाराज लोग, कही एक भी मौत न होने की बात

प्रयागराज में बढ़ रहे हैं केसेस
प्रयागराज में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं. कल की अपेक्षा आज 10 केस और बढ़ गए हैं. कल तक 87 केस थे और आज जिले में 97 केस हो गए हैं. बचाव के लिए डेंगू नाशक छिड़काव कराया जा रहा है. बर्तन में भरे पानी को पलटा जा रहा है, जिससे मच्छर पनपने की संभावना कम हो जाए. हर वह कार्य किया जा रहा है जिससे कि डेंगू पर रोक लगाई जा सके.

प्रयागराज से एक दारोगा की मौत की खबर भी आई थी, लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डेंगू से हुई मौत से इनकार कर दिया है. उनका दावा है कि जब तक रिपोर्ट ना आ जाए, तब तक यह कहा नहीं जा सकता कि मौत किस वजह से हुई है.

जनपद प्रयागराज में टोटल 97 केस डेंगू के आए हैं, जिसमें 67 केस शहर के हैं और बाकी गांव के. फिलहाल, 16 केस एक्टिव हैं. सीएमओ का दावा है कि अभी तक डेंगू से कोई भी डेथ नहीं हुई है.

84 साल के बुजुर्ग का जज्बा: बने LLB स्टूडेंट, 60 साल का बेटा भी लेगा यूनिवर्सिटी में एडमिशन

कानपुर में भी चल रही 24 घंटे निगरानी
कानपुर के दूसरे सबसे बड़े सरकारी अस्पताल यूएचएम (उर्सला) में दो मरीजो में डेंगू की पुष्टि हुई है. रोजाना कानपुर के इस सरकारी अस्पताल में वायरल फीवर से संबंधित 100 से 150 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं. अब तक डेंगू वॉर्ड में 24 से ज्यादा मरीज एडमिट हो चुके हैं. वहीं, डॉक्टरों की मानें तो अस्पताल प्रशासन ने वायरल फीवर मरीजों की निगरानी में डॉ. के पैनल लगा रखे हैं. जो 24 घंटे शिफ्ट के हिसाब से निगरानी कर रहे हैं.

बता दें, डेंगू के साथ-साथ मलेरिया और डायरिया के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है.

सीएम योगी का UP को बड़ा तोहफा, हर शहर में मिलेगा Free Internet, लगेंगे Wi-Fi

मेरठ में तीमारदार नाराज
मेरठ में मरीजों के तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया है कि मेरठ डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में लापरवाही से काम किया जा रहा है और मरीजों की देखरेख में कमी आ रही है. वहीं, मेरठ में भी कई केस सामने आए हैं.

WATCH LIVE TV