बेरोजगारों से जुड़े मसलों पर विपक्ष का हल्ला-बोल, RSLDC में घूसखोरी का उठा मामला

Jaipur: मंगलवार को राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly) में विपक्ष ने बेरोजगारों को भत्ते, बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा. शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के जरिए बीजेपी (BJP) विधायकों ने तीखा हमला बोला. युवाओं से जुड़े मसलों को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार (Rajasthan Government) पर तीखे हमले बोले और राज्य सरकार को नौजवानों की अपेक्षाओं पर नाकाम करार दिया. 

विधानसभा में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन विपक्ष पर हमला
बेरोजगारों को भत्ता और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली जैसे मुद्दों पर बीजेपी ने सरकार को घेरा लिया. शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के जरिए बेरोजगारी के मुद्दे पर चर्चा के दौरान बीजेपी (BJP) विधायकों ने राज्य सरकार पर तीखे हमले बोले. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और विधायक सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने कहा कि जन घोषणा पत्र में बेरोजगारों को रोजगार का भरोसा दिलाया गया था लेकिन सीएमआई संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी राजस्थान में है.

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पूनिया ने कहा कि प्रदेश नें 27.6 प्रतिशत बेरोजगारी राजस्थान में है. वहीं, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछली सरकार में शुरु हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं को अपनी बता कर प्रचारित किया. पूनिया ने प्रदेश में सरकारी भर्तियों को लेकर व्हाइट पेपर लाने की मांग की. पूनिया ने कहा कि रोजगार पोर्टल पर 45 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया, जिसमें से केवल 5 हजार लोगों को रोजगार मिला. उन्होंनें कहा कि राजस्थान में नकल माफिया गिरोह पनप रहे हैं और ऐसा ही रहीं तो 2023 में नौजवान कांग्रेस को सत्ता से बेरोजगार कर देंगे. 

बीजेपी विधायक वासुदेव देवनानी, रामलाल शर्मा, अशोक लाहोटी और दीप्ति माहेश्वरी ने भी बेरोजगारों और युवाओं से जुड़े मसलों को लेकर सरकार पर साल उठाए. पूर्व मंत्री देवनानी ने आरएएस भर्ती 2018 (RAS Recruitment 2018 ) का मामला उठाते हुए कहा कि आरपीएससी हमेशा ही विवादों में घिरी रहती है और लगता है कि यह कांग्रेस लोक सेवा आयोग बन गई है. 

वासुदेव देवनानी (Vasudev Devnani) ने कहा कि एक मंत्री के तीन रिश्तेदारों के साक्षात्कार में 80-80 नम्बर आए. इतना ही नहीं उन्होंने शिक्षा मंत्री के रिश्तेदारों के ओबीसी सर्टिफिकेट को लेकर भी सवाल खड़े किए. देवनानी ने आरपीएससी में साक्षात्कार की प्रक्रिया को बंद करने की मांग की. इसके साथ ही आरएसएलडीसी (RSLDC) में सामने आए घूस प्रकरण को लेकर भी पूर्व मंत्री ने सरकार को घेरा. 

भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर बोला हमला 
रामलाल शर्मा (Ramlal Sharma)और अशोक लाहोटी (Ashok Lahoti) ने भी बेरोजगारी भत्ते पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर जन घोषणा पत्र में ऐसा कहां लिखा है कि केवल 1 लाख 60 हजार युवाओं को ही भत्ता दिया जाएगा? लाहोटी ने कहा कि प्रदेश में 42 लाख युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरे हैं, जो सभी बेरोजगारी भत्ते के पात्र हैं. उन्होंने सवा लाख नौकरियों की घोषणा को पूरी करने और युवाओं को कर्ज देने का वादा निभाने की मांग की. साथ ही आरपीएससी और आरएसएलडीसी में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर हमला बोला. 

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विधायक दीप्ति माहेश्वरी (MLA Deepti Maheshwari) ने मंगलवार की संदन में पहली बार अपनी बात रखी. अपने निर्वाचन के बाद पहली बार बोलते हुए माहेश्वरी ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी के आंकड़े डराने वाले हैं लेकिन 2 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं. उधर निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ने भी बेरोजगारी का मामला उठाया साथ ही परीक्षाओं में नकल गिरोहों के पकड़े जाने पर चिन्ता जाहिर करते हुए इस सम्बन्ध में सख्त सजा का कानून बनाए जाने की मांग की.