NEET के बाद अब इंजीनियर भर्ती परीक्षा को लेकर कार्रवाई, दर्जनों अभ्यर्थियों के दस्तावेज बदामद

Jhunjhunu : झुंझुनू (Jhunjhunu Nes) के खेतड़ीनगर थाना इलाके में पुलिस ने एक मकान में दबिश दी है. जहां पर करीब दो दर्जन विद्यार्थियों के दस्तावेजों के साथ पुलिस को खाली चैक और स्टांप मिले हैं. जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि कर्मचारी चयन भर्ती बोर्ड द्वारा की जा रही कनिष्ठ अभियंता सीधी भर्ती परीक्षा 2020 में पास कराने के लिए एक व्यक्ति युवाओं को और उनके परिजनों को झांसा दे रहा है. जिस पर खेतड़ीनगर पुलिस (Jhunjhunu Police) ने बनवास की प्रभात कॉलोनी में स्थित पुलकित यादव के मकान पर दबिश दी. जहां पर कोई नहीं मिला. बाद में पुलकित को बुलाकर पूछताछ की तो पता चला कि करौली जिले के मंडेरू गांव का उत्तम पुत्र बाबूलाल मीणा यहां पर किराए पर रह रहा है. वो शनिवार शाम को मकान को ताला लगाकर गया था और बोलकर गया था कि वह अपने परिचितों को परीक्षा दिलवाने जा रहा है. 

इसके बाद पुलिस ने मकान का ताला तोड़कर सर्च किया तो वहां पर अलग—अलग जगहों पर 23 छात्रों के दस्तावेज, हस्ताक्षर किए हुए खाली चैक और हस्ताक्षर किए हुए खाली स्टांप मिले है. जिन्हें पुलिस ने जब्त किया है. वहीं एक लैपटॉप भी जब्त किया गया है. पुलिस ने उत्तम के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है. आपको बता दें कि इंजीनियर भर्ती परीक्षा चार सितंबर से शुरू हुई थी. जिसकी विभिन्न श्रेणी में परीक्षाएं हो रही है. कल 12 सितंबर को एईएन कम्यूनिकेशन तथा जेईएन फायर एंड सेफ्टी का पेपर बताया जा रहा है. अब इस मामले की परतें उत्तम के पकड़े जाने के बाद ही खुलेगी. पुलिस जिन छात्रों के दस्तावेज मिले है. उनके परिजनों से और उनसे भी संपर्क साधने की कोशिश कर रही है.

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इस तरह मिले तीन जगहों पर 23 जनों के दस्तावेज
पुलिस ने एफआईआर में जिस तरह छानबीन के बाद बरामदगी का ब्यौरा लिखा है. उसके मुताबिक तीन जगहों पर अलग—अलग तरीके से 23 जनों के दस्तावेज, खाली साइन किए हुए चैक और खाली ही साइन किए हुए स्टांप मिले है. पुलिस को एक जगह पर 10 लिफाफे मिले है. जिसमें राहुल मीणा, जितेंद्र मीणा, अनुराग मीणा, मयंक माचा, ज्ञानेश मीणा, सतीश जांगिड़, सियाराम मीणा व सुरेश मीणा के नौ अलग—अलग लिफाफे में दस्तावेज, स्टांप और चैक मिले है. इसके अलावा एक 10 नंबर का लिफाफा भी इनके साथ ही था. जिसमें महेंद्र मीणा, हेतराम मीणा, जनकराज मीणा, नमोनारायण मीणा, जगमोहन मीणा, दिनेशकुमार मीण व पिंटूकुमार मीणा के कागजात मिले है. 

इसके अलावा एक जगह पर छह प्लास्टिक के फोल्डर भी मिले है. जिसमें नंदकिशोर वैष्णव, अमरसिंह मीणा, राहुल मीणा, मनीषकुमार मीणा, मातादीन मीणा और मोहित कुमार के दस्तावेज, स्टांप और चैक मिले है. इसी तरह एक तीसरी जगह पर एक फाइल फोल्डर मिला है. जहां पर राजकुमार मीणा नाम के छात्र के दस्तावेज मिले है. इस तरह कुल 23 जनों के दस्तावेज आदि जब्त किए गए है. मामले की जांच बुहाना सीआई को सौंपी गई है.

लैपटॉप उगलेगा राज
मौके पर जब्त किया गया लैपटॉप भी राज उगलेगा. दरअसल पुलिस को संभावना लग रही है कि आरोपी ने अपने ठगी का या फिर परीक्षा में गड़बड़ी करने का पूरा हिसाब संभवतया इसी में रखा होगा. वहीं, पुलिस को इस सवाल का भी इंतजार रहेगा कि अलग—अलग लिफाफो में कागजात रखने, अलग फोल्डर में कागजात रखने के पीछे आखिर क्या मकसद रहा होगा.

कुछेक के नहीं लिए चैक और स्टांप
पुलिस की एफआईआर पर गौर करें तो जिन 23 लोगों के दस्तावेज जब्त किए गए हैं. उनमें कई ऐसे भी हैं, जिनके साथ स्टांप और चैक नहीं मिले हैं. ज्ञानेश मीणा का केवल दस्तावेजों के साथ चैक मिला है. उसके क्रम संख्या छह लिफाफे में स्टांप नहीं मिला. वहीं 10 नंबर लिफाफे में कुल सात जनों के दस्तावेज मिले हैं. इनमें से महेंद्र मीणा, हेतराम मीणा के कागजों के साथ ना तो चैक मिला है और ना ही स्टांप. ऐसे भी कई छात्रों के दस्तावेज हैं. जिनके चैक मिले है और स्टांप नहीं. बहरहाल, यह सब आरोपी के पकड़े जाने के बाद खुलासा होगा कि इन सबके पीछे क्या कारण था.