हल्द्वानी में आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा कांग्रेस की दिवंगत नेता इंदिरा हृदयेश का अंतिम संस्कार

विनोद कांडपाल/हल्द्वानी: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश का रविवार को नई दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. वह 80 वर्ष की थीं. अब उनका अंतिम संस्कार आज यानी 14 जून को हल्द्वानी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. राजनीतिक गलियारों में ‘दीदी’ के नाम से प्रसिद्ध हृदयेश के निधन की खबर फैलते ही राज्य में शोक की लहर दौड़ गई.

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हल्द्वानी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
कांग्रेस की दिवंगत नेता इंदिरा हृदयेश का अंतिम संस्कार आज हल्द्वानी के रानीबाग चित्रशिला घाट पर होगा. मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के अलावा प्रदेश के तमाम विधायक और कैबिनेट मंत्री उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगे. सुबह करीब 9:00 बजे उनका पार्थिव शरीर हल्द्वानी के स्वराज भवन में अंतिम दर्शनों के लिए ले जाया जाएगा जिसके बाद उनकी अंतिम यात्रा 11:00 बजे चित्र शीला घाट के लिए प्रस्थान करेगी. वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए दिवंगत नेता के घर के बाहर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

इंदिरा को मिला सुपर मुख्यमंत्री का दर्जा
7 अप्रैल 1941  को जन्मी इंदिरा हृदयेश का जन्म हुआ था. वह 1974 में उत्तर प्रदेश के विधान परिषद में पहली बार चुनी गईं जिसके बाद 1986, 1992 और 1998 में इंदिरा लगातार चार बार अविभाजित उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए चुनी गईं. साल 2000 में अंतिरम उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी बनी और पूरी प्रखरता से उत्तराखंड के मुद्दों को सदन में रखा. एनडी तिवारी सरकार में इंदिरा का इतना बोलबाला था कि कि उन्हें सुपर मुख्यमंत्री तक कहा जाता था.

दिए उत्तराखंड की राजनीति को कई मुकाम
सालों के अपने राजनीतिक करियर में इंदिरा हृदयेश ने उत्तराखंड की राजनीति को कई नए मुकाम दिए और प्रदेश में काफी कुछ विकास के काम किए, खासकर कुमाऊं मंडल में उनको मदद का मसीहा माना जाता है.  

नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश पिछले 4 दशक से उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड की राजनीति में बड़े नेताओं में शुमार रही हैं. बता दें कि इंदिरा के तीन पुत्र हैं, जिनमें से एक बेटे सुमित राजनीति के क्षेत्र में हैं. प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश बीते दिन दिल्ली में कांग्रेस की बैठक में शामिल होने गई थी और दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई. जिसके बाद उन्हें रविवार सुबह गंभीर हालत में दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया. कांग्रेस की कद्दावर नेता की मौत से पार्टी को बड़ा झटका लगा है.

उत्तराखंड की वरिष्ठ कांग्रेस नेता इंदिरा हृदयेश का निधन, पार्टी में शोक की लहर

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