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CG की इन कंपनियों ने बचाई 9 राज्यों के हजारों लोगों की जान, दिनरात प्राणवायु बनाने में जुटे कर्मचारियों को सैल्यूट

हितेश शर्मा/दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कोरोना की दूसरी लहर एक हजार से अधिक लोगों की जान ले चुकी है. इन मौत के आंकड़ों में इजाफा हो सकता था लेकिन भिलाई इस्पात संयंत्र और निजी ऑक्सीजन कम्पनियों से मिलने वाले ऑक्सीजन ने मौत की रफ्तार को कम किया है. 

बता दें कि छत्तीसगढ़ के भिलाई में भिलाई इस्पात सयंत्र, प्रैक्सएयर प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों और प्रबन्धन के कारण आज प्रदेश में सरप्लस ऑक्सीजन की सप्लाई संभव हुई है.अब तक बीएसपी व प्रैक्सएयर कंपनी ने 25,745 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन किया है. वहीं बीएसपी के प्रैक्सएयर कंपनी ने भी दूसरे राज्यों में ऑक्सीजन भेजकर अन्य राज्यों को राहत पहुंचाई है.

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गौरतलब है कि बीएसपी ने अपने क्वालिटी स्टील से देश को मजबूती दी है साथ ही इस कोरोना संकट में संयंत्र से उत्पादित ऑक्सीजन से हजारों लोगों को जीवनदान दे रहा है.  

भिलाई इस्पात संयंत्र अपने ऑक्सीजन प्लांट-2 तथा मेसर्स प्रॉक्सएयर द्वारा संचालित ऑक्सीजन प्लांट-3 से अगस्त-2020 से अब तक 25,754 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर लगभग 76,415 लोगों की सांसें लौटा चुका है.

संयंत्र प्रबंधन द्वारा संचालित ऑक्सीजन प्लांट-2 तथा बिल्ड ओन व ऑपरेट अर्थात बीओओ आधारित प्रैक्सएयर के ऑक्सीजन प्लांट-3 से एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) का निरंतर उत्पादन किया जा रहा है. दोनों प्लांट की उत्पादन क्षमता लगभग 300 मीट्रिक टन प्रतिदिन है. लेकिन कोविड-19 के गहराते संकट और समय के तकादे को देखते हुए संयंत्र इससे अधिक लगभग 360 मीट्रिक टन एलएमओ का उत्पादन रोज किया जा रहा है.

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संयंत्र ने पिछले महीने अप्रैल में 4633 टन और इस माह 4 मई तक 1080 टन एलएमओ की आपूर्ति की है. बीएसपी व प्रैक्सएयर ने अब तक लगभग 25 हजार टन मेडिकल ऑक्सीजन छतीसगढ़ समेत देश के नौ राज्यो को अब तक भेज चुका है. जिसमें महाराष्ट्र, उड़ीसा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, गुजरात, आंध्रप्रदेश ,तेलंगाना, उप्र जैसे राज्यों से ऑक्सीजन की डिमांड पूरी की जा रही थी. ऑक्सीजन उत्पादन में लगे ये कर्मचारी दिन-रात भुलाकर ऑक्सीजन उत्पादन में अपना योगदान दे रहे थे. जिन्हें आज अपने त्याग पर गर्व है.

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