दिल्ली कैपिटल्स की शानदार फॉर्म से टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम को मिल सकता है फायदा

T20 World Cup 2021:  यूएई में खेला जा रहा इंडियन प्रीमियर लीग का 14वां एडिशन अपने आखिरी पड़ाव पर है. चेन्नई सुपर किंग्स के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम फाइनल में पहुंच गई है. 15 नवंबर को दोनों टीमों के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा. दिल्ली कैपिटल्स की टीम भले ही दूसरा क्वालीफायर मुकाबला हारकर खिताब जीतने की रेस से बाहर हो गई, लेकिन दिल्ली कैपिटल्स में तीन ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें विश्व कप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है. इन तीनों खिलाड़ियों ने इस सीजन दिल्ली के लिए अच्छा प्रदर्शन किया और 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले टी20 विश्व कप में भी भारतीय टीम के लिए मजबूत कड़ी बन सकते हैं.

 भारतीय टीम 24 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगी. टी20 विश्व कप ग्रुप 1 और 2 के सभी मैच यूएई में खेले जाएंगे, जिससे आईपीएल में खेल रहे सभी क्रिकेटर्स को विश्व कप में फायदा मिलने वाला है. आपको बता दें कि टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में ऋषभ पंत और रविचंद्रन अश्विन (Ravi Chandran Ashwin), दो ऐसे खिलाड़ी हैं, जो दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहे हैं और तीनों अच्छी फॉर्म में है. इसके अलावा श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल भी भारतीय टीम के साथ रिजर्व खिलाड़ी के रूप में जुड़े रहेंगे. 

इन खिलाड़ियों का यूएई में बेहतरीन प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए अच्छा संकेत है. जहां एक ओर ये खिलाड़ी वहां के वातावरण में अच्छे से ढल चुके हैं, तो दूसरी ओर पिच और परिस्थिति का भी इन्हें अच्छा-खासा अनुभव हो चुका है. दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने आईपीएल 2021 में 400 से ज्यादा रन बनाए. गेंदबाज़ी में अक्षर पटेल (Axar Patel) ने लगभग 18 की औसत से 15 विकेट झटके हैं, तो अश्विन ने आठ से कम की इकॉनमी से रन देते हुए 5 विकेट लिए हैं. बात अगर श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की करें, तो उन्होंने इस सीजन सिर्फ 8 मैच खेले हैं और 175 रन बनाए हैं. 

इसके अलावा मुंबई इंडियंस के लिए खेलने वाले 6 खिलाड़ी टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में चुने गए हैं, जबकि पंजाब किंग्स के दो खिलाड़ियों और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु, चेन्नई सुपर किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राडर्स के एक-एक खिलाड़ियों को भारतीय टीम में जगह मिली है. जाहिर सी बात है कि इन खिलाड़ियों का लंबे समय से यूएई में खेलना और अच्छा प्रदर्शन करना भारतीय टीम के लिए विश्व कप में मददगार हो सकता है.