ससुराल में हो जॉइंट फैमिली तो जानें कैसे बना सकते हैं अपनी खास जगह

Living In A Joint Family After Marriage : संयुक्त परिवार के फायदे भी हैं तो थोड़े-बहुत नुकसान भी हैं और यह बहुत नैचुरल भी है, क्योंकि जब चार बरतन एकसाथ रहेंगे तो खटकेंगे भी. लेकिन आज कल के कपल शादी के बाद संयुक्त परिवार से दूर रहकर अपनी जिंदगी जीना चाहता हैं. कपल को लगता है कि शादी के बाद पर्सनल स्पेस की जरूरत होती है और शादी के तुरंत बाद पति-पत्नी को अधिक से अधिक समय एकसाथ बिताना पसंद होता है, क्योंकि उस समय वे एक-दूसरे को समझ रहे होते हैं. लेकिन इस नाजुक और रोमानी वक्त पर बड़ों की अनावश्यक टोकाटाकी चाहे उन के फायदे के लिए ही क्यों न हो, एक बंधन जैसी लगती है. लेकिन संयुक्त परिवार का होना और उस परिवार में रहना सौभाग्य की बात है. 

अगर आपकी शादी भी एक जॉइंट फैमिली में हुई है तो हम समझ सकते हैं कि वहां एडजस्ट कर पाना आपके लिए थोड़ा मुश्किल होगा. लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है. नए परिवार में सौहार्द बनाने और सुकून के साथ रहने के लिए कुछ चीजें आपको ध्यान में रखनी जरूरी हैं. चलिए आपको बताते हैं कि किस तरह आप जॉइंट फैमिली की भीड़भाड़ में भी अपने लिए कुछ समय निकाल सकते हैं और परिवार में मौजूद सभी लोगों के साथ सुकून और खुशी से जिंदगी बिता सकती हैं.

पति के साथ रिश्ता बनाने में करें इन्वेस्ट
किसी भी नए परिवार में एडजस्ट होने के लिए यह जरूरी है कि आप अपने पार्टनर के साथ उस रिश्ते को गहरा बनाने में इन्वेस्ट करें. इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि अपने पार्टनर को कभी भी ऐसी स्थिति में ना डालें कि उन्हें आप में और अपने परिवार में से किसी एक को चुनना पड़े. अक्सर ऐसा होता है कि पति को अपनी पत्नी या मां में से किसी एक को चुनने की नौबत आ जाती है. आप दोनों को इस बात का ध्यान रखना है कि आप एक टीम है और आप दोनों एक दूसरे का साथ हर कीमत पर देंगे. अक्सर यह देखा गया है कि परिवार में किसी भी तरह के झगड़े होने पर पति या पत्नी एक दूसरे का साथ छोड़कर किसी अन्य का साथ देने लगते हैं. ऐसे में आपसी विश्वास और प्यार में दरार आती है. इसीलिए इस बात का ध्यान रखें कि आप दोनों साथ रहे आप दोनों एक टीम हैं जिसे कोई अलग नहीं कर सकता. 

हम उम्र के लोगों के साथ रिश्ते
आप किसी जॉइंट फैमिली में शादी हो कर आई हैं तो आप की यह पहली जिम्मेदारी है कि आप इन सभी गलतफहमियों से बचते हुए उन सभी से अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करें जो आपकी उम्र के हैं. अगर आप एक जॉइंट फैमिली में रह रही हैं तो जाहिर सी बात है कि वहां आपकी उम्र के या आप की जनरेशन के और भी लोग होंगे. ये आपकी भाभी, ननद, देवर, देवरानी या कोई भी अन्य रिश्तेदार हो सकते हैं. जब आप किसी हमउम्र के साथ रिश्ते को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं तो उनकी तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाएं.  कोई भी रिश्ता बिना दोस्ती के न शुरू हो सकता है ना ही खूबसूरत बन सकता है.

 सुनी सुनाई बातों पर भरोसा न करें 
अक्सर हम लोगों की कही सुनी बातों पर यकीन करके किसी अन्य व्यक्ति के लिए अपने मन में एक नेगेटिव अवधारणा बना लेते हैं. हो सकता है कि आप बचपन से सुनते आए हैं कि सास बेहद खडूस होती हैं या ननद हमेशा अपनी भाभी को परेशान करने में ही जुटी रहती है. ऐसे में हमें सुनी सुनाई बातों पर भरोसा न कर के अपने रिश्ते को खुद बनाई चाहिए.

ये भी पढ़ें.

Color Psychology Of Red: क्या आपको भी पसंद है लाल रंग तो जानिए कलर साइकोलॉजी क्या कहती है आपके बारे में

Naga Chaitanya-Samantha Divorce: तलाक के बाद उसी घर में अपनी पुरानी यादों के साथ रहना समांथा के लिए हो सकता है मुश्किल