सफलता की कुंजी: इन कामों को करने से कभी नहीं मिलता है यश, अपने भी हो जाते हैं पराए

Safalta Ki Kunji, Motivational Thoughts in Hindi: सफलता की कुंजी कहती है कि सफलत बहुत ही परिश्रम और संघर्ष करने के बाद ही प्राप्त होती है. मेहनत और संघर्ष से प्राप्त सफलता का हमेशा सम्मान करना चाहिए. यदि ऐसा नहीं करते हैं तो आगे चलकर परेशानी का सामना करना पड़ता है.

सफलता की कुंजी कहती है कि सम्मान देने से सम्मान मिलता है. ये सीधा और सरल मंत्र है. इसे जीवन में अच्छे ढंग से समझ लेना चाहिए. आज के दौर में हर व्यक्ति सक्षम है. हर व्यक्ति का अपना सम्मान है. यदि इसका ध्यान नहीं रखेगें तो हमेशा मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. क्योंकि बड़ी सफलता अकेले हासिल नहीं की जा सकती है. बड़े कार्य को करने के लिए लोगों के सहयोग की भी अतिआवश्यकता पड़ती है. इस बात को कभी नहीं भूलना चाहिए. सहयोग प्राप्त करने के लिए दूसरों के प्रति प्रेम का भाव होना बहुत ही जरूरी है.

गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं प्रेम का भाव, सभी दुखों को दूर करता है. हर व्यक्ति के लिए प्रेम और करूणा का भाव रखना चाहिए. जिस व्यक्ति में ये गुण हैं, उस पर भगवान की भी कृपा बनी रहती है. ऐसे व्यक्ति को मुश्किल वक्त में भी परेशानी नहीं होती है. ये बुरे वक्त को भी हंसकर काट लेने की क्षमता रखते हैं. जीवन में मान सम्मान तब चला जाता है, जब व्यक्ति इन कार्यों को अपनी आदत बना लेता है-

बुरे वक्त में मदद करने वालों का सदैव सम्मान करें
सफलता की कुंजी कहती है कि जो लोग बुरे वक्त में लोगों द्वारा की गई मदद और सहयोग को भूला देते हैं, वे आगे चलकर बहुत परेशानी उठाते हैं. ऐसे लोगों को मान सम्मान प्राप्त नहीं होता है. ऐसे लोगों से दूसरे लोग दूरी बना लेते हैं.

क्रोध और अहंकार का त्याग करें
सफलता की कुंजी कहती है कि क्रोध और अहंकार दो ऐसे गुण हैं, जो अपने को भी पराया कर देते हैं. लक्ष्मी जी का भी ऐसे लोगों को आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता है. ऐसे लोग सही और गलत का भेद नहीं कर पाते हैं, जिस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए इन अवगुणों से दूर ही रहना चाहिए.

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