‘दलित की हत्या पर चुप, नफरत की फसल बो रहे राहुल-प्रियंका’; BJP का कांग्रेस पर हमला

नई दिल्ली: बीजेपी (BJP) ने राजस्थान में दलित की हत्या (Dalit Man Murder In Rajasthan) को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) वाड्रा पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ये दोनों राजस्थान नहीं गए और ना ही इस मामले पर एक भी ट्वीट किया लेकिन लखीमपुर (Lakhimpur Case) में दोनों वोटों की खेती करने की कोशिश कर रहे हैं.

सेलेक्टिव व्यवहार लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने कहा कि आज (मंगलवार को) हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 28वें स्थापना दिवस पर सुना. प्रधानमंत्री ने बड़ी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ पूरे विषय को रखा है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि मानवाधिकार का बहुत ज्यादा हनन तब होता है जब उसे राजनीतिक रंग से देखा जाता है, राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, राजनीतिक नफा-नुकसान के तराजू से तौला जाता है. इस तरह का सेलेक्टिव व्यवहार लोकतंत्र के लिए भी नुकसानदायक होता है.

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लखीमपुर केस की हो रही निष्पक्ष जांच- बीजेपी

संबित पात्रा ने कहा, ‘आप देख रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में किस प्रकार की राजनीति करने की कोशिश हो रही है. बीजेपी ने बार-बार कहा है और आज फिर मैं कह रहा हूं कि लखीमपुर खीरी में जो हुआ है वो दुखद है और उस पूरे विषय की निष्पक्ष जांच चल रही है.’

राजस्थान क्यों नहीं गए राहुल और प्रियंका- बीजेपी

उन्होंने आगे कहा कि दुखद है कि जिस प्रकार की राजनीति कुछ राजनीतिक दल कर रहे हैं और वोटों की खेती करने की कोशिश कर रहे हैं खासतौर से गांधी परिवार, प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी. वे अपने आपको चैंपियंस ऑफ दलित राइट्स के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं. राजस्थान के प्रेमपुरा गांव में कुछ दिन पहले एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. उसके बाद उसके मृत शरीर को उसके घर के सामने फेंक दिया गया. लेकिन राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव या बंगाल का कोई नेता वहां नहीं गया.

संबित पात्रा ने कहा कि क्या ये सच नहीं है कि राजस्थान में जगदीश मेघवाल को पीट-पीट कर मार दिया गया और उसका वीडियो वायरल किया गया और क्या वहां आपने गांधी परिवार, अखिलेश यादव या बंगाल के किसी नेता को जाते देखा? किसी ने एक ट्वीट भी नहीं किया. राजस्थान का प्रशासन वहां दलितों के साथ हो रही घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं करता, क्या राजस्थान के दलित का कोई मानवाधिकार नहीं है? क्योंकि राजस्थान में कांग्रेस को वोटों का फायदा नहीं है इसलिए वहां जाने के बजाय वो दूसरे प्रदेश में नफरत की फसल बो रहे हैं.

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उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान में हनुमानगढ़ के किसानों पर वहां के प्रशासन ने लाठी-डंडे बरसाए. राजस्थान में किसान, महिलाएं, दलित प्रदर्शन नहीं कर सकते और आप पूरे देश में जा-जाकर दलितों, किसानों, महिलाओं के ह्यूमन राइट्स के चैंपियन बनते हैं.

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