पीएम मोदी बुधवार को लॉन्च करेंगे गति शक्ति योजना, जानें क्या है ये मास्टर प्लान

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अक्टूबर को नेशनल मास्टर प्लान यानी गति शक्ति योजना को लॉन्च करने जा रहे हैं. इस योजना के लिए केंद्र सरकार के 16 विभागों को मिलाकर एक मास्टर प्लान बनाया गया. 15 अगस्त को पीएम मोदी ने लाल किला से इसकी घोषणा की थी.

हिंदुस्तान में ये आम बात है कि कहीं सड़क बनी और थोड़े दिन बाद ही सिर्फ केबल बिछाने के लिये नई सड़क को खोद दिया जाता है. इसी तरह से सैंकड़ों करोड़ रुपये खर्च होने के बाद कई प्रोजेक्ट रुके मिलते हैं क्योंकि वन और पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिल पाती है. 

फाइल में नहीं उलझेगी कोई योजना

इस तरह के कई उदाहरण हम सब अक्सर देखते रहते हैं. ये केवल दिल्ली में ही नहीं बल्कि देश के हर हिस्से में देखने को मिलता है. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक नए विजन को अमली जामा पहनाने के बाद ये सब बीते कल की बात हो सकती है. ऐसी ही समस्याओं को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अक्टूबर को “गति शक्ति योजना” का शुभारंभ करने वाले हैं. 

इसके लिए 16 मंत्रालयों का एक ग्रुप बनाया गया है, जो मुख्यतः आधारभूत संरचनाओं से संबंधित है. इसमें रेलवे, सड़क परिवहन, पोत, आईटी, टेक्सटाइल, पेट्रोलियम, ऊर्जा, उड्डयन जैसे मंत्रालय शामिल हैं. इन मंत्रालयों के जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं या 2024-25 तक जिन योजनाओं को पूरा करना है, उन सबको गति शक्ति के अंतर्गत डाल दिया जायेगा. 

सैटेलाइट से होगी मॉनिटरिंग

उन सभी योजनाओं को एक नेशनल मास्टर प्लान के अंदर रखा जायेगा. इसमे सभी 16 मंत्रालयों के ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के अधिकारी और विशेषज्ञ होंगे. ये लोग सैटेलाइट से लिये गए 3 डी इमेज के जरिये उन योजनाओं का मूल्यांकन करेंगे और अपनी राय उन योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए देंगे. 

उदाहरण के लिए अगर कहीं राष्ट्रीय मार्ग बन रहा है या बनने वाला है तो ये ग्रुप थ्री डी इमेज के जरिये बतायेगा कि सड़क किस रास्ते से जाए, रास्ते में कहां जंगल आएगा, उससे बचकर कैसे दूसरी तरफ से सड़क ले जाई जा सकती है. साथ ही ये ग्रुप, दूसरे मंत्रालय को भी जानकारी देगा कि ये सड़क बन रही है और अगर आपको केबल बिछानी है या गैस पाइप लाइन ले जानी है, तो आप बेहतर समन्वय से पहले ही काम कर लीजिए.

विभागों के बीच बढ़ेगा तालमेल

ऐसा नहीं कि प्रधानमंत्री मोदी के दिमाग में सबको एक प्लेटफॉर्म पर लाने का आइडिया अभी आया है. बल्कि 2014 में सत्ता में आने के बाद ही वे इस विजन को मूर्त रूप देने में लग गये थे. इसके लिए पहले उन्होंने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर का गठन किया था, जो इस तरह के प्रोजेक्ट पर राय बनाए. लेकिन शायद वो वित्तीय और कानूनी मामलों पर ही फोकस कर पाया. उन्होंने सचिवों की समिति भी बनाई थी जो हर महीने अलग-अलग विभागों की योजनाओं की समीक्षा के लिये प्रगति की बैठकें भी लेते रहते हैं.  

‘गति शक्ति’ मुख्य तौर पर योजनाओं की तमाम बाधाओं को दूर करने, विभागों में बेहतर समन्वय और उसमें राज्यों को भी शामिल करने की बृहत योजना है. जो पोर्टल अब लॉन्च होगा उसमें आने वाले समय में शासन को सबसे निचले स्तर तक जोड़ने की कल्पना है. यानी नगर निगमों को भी जोड़ा जायेगा. इससे केंद्रीय योजनाओं और राज्य की योजनाओं में बेहतर तालमेल बनेगा.

उदाहरण के लिये रेलवे लाइन बिछानी हो तो कहां अंडरपास की जरूरत होगी, कहां से राज्य की सड़क गुजरेगी, कहां से राष्ट्रीय राजमार्ग या कहां पर जंगल है, उन सभी संबंधित विभागों को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर बेहतर तालमेल से रेलवे लाइन को निकाला जायेगा.

खर्च होगा कम, व्यापार को बढ़ावा

इस योजना से एक तो ओवरऑल खर्च में कमी आयेगी. दूसरा, एक बार कोई प्रोजेक्ट शुरू होगा तो विभाग या शासन के किसी भी स्तर से उसमें रुकावट नहीं आयेगी. इससे पूंजीगत फायदा भी होगा. साथ ही किसी निवेशक को ये चिंता नहीं सताएगी कि कहीं उसका काम राज्य सरकार या निगम के चक्कर में रुक न जाये. ये प्रधानमंत्री मोदी के इज ऑफ डूइंग बिजनेस के संकल्प को भी दर्शाता है. 

पीएम मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में वाणिज्य विभाग का लॉजिस्टिक डिपार्टमेंट एक तरह से नोडल एजेंसी और एम्पावर्ड ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज के मुख्यालय की तर्ज पर काम करेगा. सचिवों का समूह नेशनल मास्टर प्लान की सलाह की समीक्षा कर किसी भी योजना को हरी झंडी देगा.

राज्यों को साथ आने का ऑफर

इसके बाद वो योजना कैबिनेट में जायेगी और मंजूरी के बाद ही योजना शुरू हो सकेगी. नेशनल मास्टर प्लान का जो पोर्टल होगा उसमें मंत्रालय अपनी योजनाओं को डालेंगे. उस पोर्टल की लॉग इन आईडी सभी 16 विभागों के पास होगी. समीक्षा इसी पोर्टल पर आने वाली योजनाओं की होगी. साथ ही इसे समय-समय पर अपग्रेड किया जाता रहेगा. केंद्र का मानना है कि जो भी राज्य सरकारें इससे जुड़ना चाहें तो उनको एक लॉग इन आईडी दे दिया जाएगा. 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पोर्टल को 13 अक्टूबर को लॉन्च करेंगे और इस पोर्टल को BISAG-N ने तैयार किया है. इस योजना के साथ प्रधानमंत्री मोदी के नारे यानी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास को बल मिलेगा. साथ ही आत्मनिर्भर भारत के 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के सपने को पूरा करने में भी ये मिशन मील का पत्थर साबित हो सकता है.