सत्ता पक्ष के सदस्य के बर्ताव से गुस्साए सीपी जोशी, सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए की स्थगित

Rajasthan Vidhan Sabha Monsoon Session: राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार की शाम जो कुछ सदन में हुआ वैसा पहले कभी देखने को नही मिला. स्वायत्त शासन मंत्री यानी सत्ता पक्ष के एक सदस्य के बर्ताव से गुस्साए और खिन्न स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने सदन की बैठक अनिश्चित काल तक के स्थगित करने की घोषणा कर डाली. स्पीकर के इस फैसले से सत्ता पक्ष सकते में आ गया.

विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति सदन की बैठक 17-18 सितंबर को चलाने के लिए पहले ही मंजूरी दे चुकी थी लेकिन अब सदन के स्थगन से कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो सकेंगे. वैसे तो सदन में बुधवार को कई बार सता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच टकराव के हालात बने और इसकी वजह से सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित भी किया गया.

शाम को छह बजे बाद जब सदन की बैठक फिर शुरू हुई तो स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने दिन भर हुए हंगामे का जिक्र करते हुए कहा कि आज सदन में जो कुछ हुआ वो सही नही था. लेकिन अब सदन सुचारू चलना चाहिए और इसके लिए अब पुरानी बातों को खत्म कर देना होगा. डॉ. जोशी जब बोल रहे थे तब संसदीय कार्य और स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल अपनी जगह खड़े हो गए और सदन में विपक्षी सदस्यों के आचरण पर टिप्पणी करने लगे. इस पर स्पीकर डॉ. जोशी ने उन्हें टोका और बात को खत्म करने को कहा लेकिन मंत्री धारीवाल इस पर भी चुप नहीं हुए और उनका बोलना जारी रहा.

टोकने के बाद भी बोलना रहा जारी

स्पीकर डॉ. जोशी अपने आसन से खड़े हो गए और धारीवाल को फिर से टोका लेकिन धारीवाल का बोलना जारी रहा. इस पर स्पीकर डॉ. जोशी बहुत ज्यादा गुस्सा हो गए और धारीवाल से बोले कि इस तरह सदन की कार्यवाही नहीं चल सकती. मैं सदन की बैठक स्थगित कर दूंगा. धारीवाल का बोलना फिर भी जारी रहा तो गुस्साए स्पीकर डॉ. जोशी बोले कि आप लोग किसी और को स्पीकर चुन लीजिए. सदन ऐसे नहीं चलेगा. धारीवाल को इंगित करके स्पीकर बोले कि आप स्पीकर को डिकटेट नहीं कर सकते. इसके बाद स्पीकर ने सदन की बैठक को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया. स्पीकर के इस ऐलान से पूरा सदन हक्का बक्का रह गया. खास तौर पर सत्ता पक्ष. किसी को उम्मीद नहीं थी कि स्पीकर इतना सख्त कदम उठा लेंगे.

सदन की बैठक स्थगित होने के बाद सत्ता पक्ष के कई सदस्य स्पीकर डॉ. जोशी को मनाने के लिए उनके कमरे में पहुंच गए. अब इस मसले को लेकर सत्ता पक्ष चाहता है कि सदन की बैठक आगे चले लेकिन अब स्पीकर सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर चुके है तो इसका कोई रास्ता कैसे निकले इस पर मंथन किया जा रहा है. इस मामले में अब कानूनी और संविधान के जानकारों से राय ली जा रही है. वैसे अध्यक्ष के पास बुलेटिन जारी कर सदन की बैठक जारी करने की शक्ति होती है लेकिन स्पीकर इसका इस्तेमाल करेंगे या नहीं ये बड़ा सवाल है. हालांकि राजस्थान की विधानसभा का कोई सत्र इस तरह सत्ता पक्ष के सदस्यों की वजह से एकाएक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ जाए, ऐसा उदाहरण पहले कभी देखने को नहीं मिला.

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