प्रियंका चोपड़ा के पति Nick को है ये बीमारी, डॉक्टर के पास नहीं है इलाज, ऐसा था PeeCee का रिएक्शन!

बीमारी के मारे, ये सितारे/सुरेंद्र अग्रवाल: Priyanka Chopra Jonas और Nick Jonas एक बार फिर चर्चा में है. जिसके पीछे का कारण इंस्टाग्राम पर प्रियंका का अपने नाम से ‘Jonas’ हटा लेना है. लेकिन इसके कुछ दिन पहले ही Nick Jonas ने इंस्टाग्राम पर ही अपनी गंभीर बीमारी के बारे में राज खोला था. जिसका इलाज डॉक्टर के पास भी नहीं है. उन्होंने बताया था कि 16 साल पहले उन्हें अपनी टाइप-1 डायबिटीज के बारे में पता चला था. जिस से लड़ने में उनके सपोर्ट सिस्टम ने उनकी मदद की. इस पोस्ट पर उनकी पत्नी PeeCee ने प्यार और तारीफ वाली इमोजी से रिएक्ट किया था.

‘बीमारी के मारे, ये सितारे’ सीरीज के सभी आर्टिकल पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

Nick Jonas को है टाइप-1 डायबिटीज
जब पैंक्रियाज में मौजूद islets or islet सेल्स को इम्यून सिस्टम गलती से नष्ट करने लगता है, तो शरीर में इंसुलिन हॉर्मोन का स्तर कम होने लगता है. क्योंकि, यही सेल्स इंसुलिन हॉर्मोन का निर्माण करती हैं. इस स्थिति में पैंक्रियाज कम या ना के बराबर इंसुलिन उत्पादित करने लगता है. चूंकि, यह डायबिटीज आमतौर पर किशोरों में होती है, इसलिए इसे जुवेनाइल डायबिटीज भी कहा जाता है.

Symptoms: टाइप-1 डायबिटीज के लक्षण
मायोक्लीनिक के मुताबिक, टाइप-1 डायबिटीज के निम्नलिखित लक्षण और संकेत हो सकते हैं. जैसे-

  • बार-बार प्यास लगना
  • बार-बार पेशाब आना
  • उन बच्चों का बिस्तर गीला करना, जो पहले नहीं करते थे
  • अत्यधिक भूख लगना
  • अचानक वजन घटना
  • थकान और कमजोरी
  • चिड़चिड़ापन
  • नजर धुंधली होना, आदि

ये भी पढ़ें: इस बीमारी ने Games of Thrones की लीड एक्सट्रेस का कर दिया था ये हाल, जानें खतरनाक लक्षण और इलाज

Causes: टाइप-1 डायबिटीज के कारण
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टाइप-1 डायबिटीज का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है. हालांकि, अनुवांशिक या वायरस व वातावरणीय कारकों से इम्यून सिस्टम इंसुलिन उत्पादित करने वाली सेल्स को गलती से नष्ट कर सकता है. ध्यान रखें कि, इंसुलिन शरीर में ग्लूकोज को सेल्स में प्रवेश करने में मदद करता है. ऐसा ना होने के कारण खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है और डायबिटीज हो जाती है.

Treatment: टाइप-1 डायबिटीज का इलाज
मायोक्लीनिक कहता है कि, कई रिसर्च के बावजूद टाइप-1 डायबिटीज का कोई इलाज डॉक्टर के पास नहीं है. जिसके कारण इंसुलिन इंजेक्शन, डाइट और लाइफस्टाइल की मदद से ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने की कोशिश की जाती है. वरना, इसके कारण दिल की बीमारी, किडनी डैमेज, नर्व डैमेज, आई डैमेज आदि समस्याएं हो सकती हैं.

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.