शाहिद मकबूल शेरवानी पर बन रही फिल्म, कश्मीर आकर Niharica Raizada का 11 साल का सपना हुआ साकार

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में माहौल काफी बेहतर है और बड़ी संख्या में पयर्टक घूमने आ रहे है. कश्मीर में शहीद मकबूल शेरवानी पर बन रही एक फिल्म की भी शूटिंग चल रही है. फिल्म की शूटिंग के लिए बॉलीवुड एक्ट्रेस निहारिका रायजादा (Niharica Raizada) भी कश्मीर में मौजूद हैं. शूटिंग के दौरान निहारिका रायजादा Zee News से खास बातचीत की. उन्होंने कश्मीर और वहां बीत रहे अच्छे वक्त के बारे में जानकारी दी. निहारिका रायजादा की कई हसीन तस्वीरें हम आपके लिए लेकर आए हैं. देखें शानदार तस्वीरें.

निहारिका रायजादा जल्द ही अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘सूर्यवंशी’ में अहम रोल में नजर आएंगी. फिल्म जल्दी ही रिलीज होने वाली हैं. रोहित शेट्टी ने फिल्म को डायरेक्ट किया है. फिल्म कटरीना कैफ, अक्षय कुमार, अजय देवगन और रणवीर सिंह मुख्य किरदार हैं. निहारिका बेहद खूबसूरत हैं और वो इन दिनों कश्मीर में फिल्म की शूटिंग कर रही हैं. निहारिका रायजादा (Niharica Raizada) ने Zee News से खास बातचीत में कहा कि कश्मीर उन्हें बहुत अच्छा लगा और लोग काफी मिलनसार हैं. कश्मीर में शूटिंग के लिए वो कई जगहों पर घूमी है और वो बेहद खुश हैं यहां आकर.

सवाल- आप के दिल मे ये कैसे ख्याल आया कि मक़बूल शेरवानी पर फिल्म बनानी चाहिए और उसमें आप लीड रोल करेंगी?

जवाब- देशभक्ति से भरी, युवाओं को प्रेरित करने वाली फिल्में, जो युवाओं को कुछ कर गुजरने के लिए मजबूर करती हैं, वैसी कहानियां मुझे बहुत पसंद हैं. मेरे हिस्से में आई ये फिल्म मेरी लिए खुशकिस्मती है. मेरे लिए तो हां बोलने के अलावा और कोई चारा ही नहीं था. उस पर कश्मीर में आने का मेरा बचपन से सपना भी था. मैं चाहती थी कि यहां पर काम करूं और शूट करूं. ऐसे में ये भी एक वजह थी. 

सवाल- मकबूल शेरवानी पर फिल्म करने के लिए आपने रिसर्च किया होगा, जब आपने उनकी कहानी पढ़ी तो आपके दिल में क्या ख्याल आया?

जवाब- एक तो बहुत गर्व महसूस होता है कि कश्मीर से एक आदमी आता है जो कि कबीले के लोगों को गुमराह करता है. लोगों को बचाता है, लेकिन खुद फांसी पर चढ़ जाता है. ये बहुत ही साहसिक कहानी है और दिल को छू जाने वाली कहानी है. 

सवाल- आप फिल्म में मकबूल की माशूका के रोल में हैं, आप उस बारे में बताएं?

जवाब- एक बहुत ही प्यारी लाइन है जो कि फिल्म के डायलॉग में है जो मैं मकबूल को बोलती हूं, ‘मकबूल मैंने तुम्हारे कश्मीर को बख्श दिया है. तुम मुझसे मुहब्बत तो नहीं कर सकते वो तो तुम्हे कश्मीर से है.’ मैं फिल्म में ये लाइन बोलती हूं. फौज में जितने लोग घायल हुए उसने उनका ख्याल रखा. वो हॉस्पिटल में काम करती थी. उसने हमेशा मकबूल का ख्याल रखने की कोशिश की, लेकिन मकबूल ने खुद कहा कि जो कुछ मैं करूंगा मैं अकेले करूंगा. हमे ये भी नहीं पता कि उनका निकाह हुआ कि नहीं हुआ. उनके बीच प्यार था. उसको जितना सहयोग देना था उसने दिया.

सवाल- इस फिल्म के लिए क्या आपने मकबूल के किसी परिवार से भी मुलाकात की और इस स्टोरी को आपने समझा?

जवाब-हमे बारामुला जाने का मौका नहीं मिला अब तक, लेकिन हमारे डायरेक्टर और उनकी जो टीम है उन्होनें बहुत रीसर्च की है और उनसे हम जितना सिख पाए और जितना जान पाए उतना ही हम जानते हैं.

सवाल- इस फिल्म की शूटिंग कहां-कहां हो रही है और आप कहां-कहां गईं?

जवाब- हम लोगों ने श्रीनगर में बहुत सी जगहों पर शूटिंग की. हमने पहलगाम में भी शूटिंग की. ऐसे में हमने बहुत से एरिया कवर किए हैं.

सवाल- निहारिका आप कश्मीर में पहली बार आई हैं, कई बार बाहर से ये लगता है कि हर तरफ गोलियां चल रहीं होंगी या फाइटिंग हो रही होगी आपका क्या अनुभव रहा ?

जवाब- आप अगर मेरी बात कर रहे हैं तो हमने कश्मीर के बारे में गलत नहीं सुना है. यहां हमने कश्मीर के बारे में दो तरीके की बातें देखी हैं. एक जो यहां ग्रॉस रुट पर सच्चाई है और न्यूज में जिस तरीके का डर फैलाया जाता है वो एक अलग ही कश्मीर दिखाया जाता है. अभी जैसे कि हम यहां कश्मीर में हैं यहां पिछले कुछ दिनों में जो हादसे हुए हैं हमारे मां-बाप हमें फोन करके पूछते हैं कि सब खैरियत है सब ठीक है, लेकिन मैं यहां हूं और मैं आपको बताऊं कि हालात बहुत हद तक सुधर गए हैं. ये जो कश्मीर के बारे में गलत परछाईं कश्मीर के बारे में दिखायी जा रही है ये सही नहीं है और अब तो 5 अगस्त 2019 के बाद से कश्मीर में बहुत सारे डिपार्टमेंट में सुधार हुआ है. बहुत सारी तरक्की हुई है उनको भी सामने जाकर लोगों को बताना चाहिए की यहां क्या-क्या तरक्की हुई है. हमेशा अगर जुल्म और गलत तरीके के बारे में दर्शाया जाएगा तो जो सारी अच्छी बातें हैं वो छुप जाती हैं. अगर आप मुझ से पूछेंगे तो कश्मीर जैसी हिन्दुस्तान में कोई जगह नहीं है. मैं 11 साल से कश्मीर आना चाहती थी और मैं अपने आखों से कश्मीर देखना चाहती थी कि कश्मीर कितना सुंदर है और कितना अच्छा है. मैं आप से कह रही हूं और सब दर्शकों को यही बोलना चाहती हूं कि कश्मीर में एक अंदुरुनी अमल है यहां के लोग बहुत अच्छे हैं. यहां लोग बहुत मिलनसार हैं. मैं यहां पहली बार आई हूं, लेकिन मुझे ये बिल्कुल नहीं लग रहा कि मैं यहां पहली बार आई हूं.

सवाल- आप कश्मीर को लेकर देश को क्या संदेश देना चाहेंगी ?

जवाब- कश्मीर में यहां एक जिम्मेदारी है कि कश्मीर के लोग एकता और मिल के रहें मुझे लगता है कि आज के युथ में ये बात है. अगर आप किसी भी युवा नेता से बात करेंगे या आप किसी आम इंसान से बात करेंगे तो वो यही कहंगे की हमें तरक्की चाहिये. हम आगे बढ़ना चाहते हैं और हम कश्मीर और कश्मीरियत रोशन करना चाहते हैं पूरे देश विदेश में.