Delhi Covid Testing: दिल्ली में रोजाना हो रही 5 से 10 हजार कोविड सेल्फ टेस्ट किट की बिक्री

Delhi Covid Testing: कोरोना के तेज़ी से बढ़ते मामलों के बीच इन दिनों दिल्ली में सेल्फ़ कोविड टेस्ट किट की डिमांड भी बढ़ गयी है. लोग ज़्यादात्तर अब घरों में ही इन टेस्ट किट के ज़रिये ये जांचने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं वो कोविड पॉजिटिव तो नहीं. दिल्ली रिटेल केमिस्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स के मुताबिक़ दिल्ली में रोज़ाना 5 से 10 हज़ार सेल्फ टेस्ट किट की बिक्री हो रही है.

डिस्ट्रीब्यूटर्श की मानें तो पिछले कुछ दिनों में ही जब से दिल्ली में कोरोनो के काफ़ी ज़्यादा मामले सामने आने लगे है, तभी से इसकी डिमांड काफी ज़्यादा बढ़ी है. दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस के प्रेसिडेंट संदीप नांनगिया ने बताया कि जब से ये सेल्फ़ टेस्ट किट मार्केट में आयी है तभी से लोग इसे खूब ख़रीद रहे हैं लेकिन इनकी बिक्री में उछाल पिछले कुछ दिनों से ही देखने को मिल रहा है.

संदीप ने बताया कि अब रोज़ाना 5 से 10 हज़ार किट बिक जाती है. इसका कारण इन किट का सस्ता होना और बिना किसी जगह जाए घर पर ही ये पता चल जाना कि वो संक्रमित है या नहीं. संदीप नांनगिया ने बताया कि अभी तक ऐसी कोई गाइडलाइन भी नहीं जारी हुयी है कि जिससे ये पता चल सके कि ये किट इस्तेमाल करने वाले कितने लोग कोरोना पॉज़िटिव हो रहे हैं उसका डेटा तैयार किया जा सके.

इस किट की बिक्री के बारे में जानने के लिये हम दिल्ली के लाजपत नगर की सेंट्रल मार्केट पंहुचे, यहां दवाईयों की एक दुकान में जाकर हमने पूछा कि आख़िर कौन-कौन सी सेल्फ़ कोविड टेस्ट किट इन दिनों मार्केट में उपलब्ध है. यहां विक्रेता ने बताया कि  ICMR द्वारा प्रामाणित कुछ टेस्ट किट मार्केट में आसानी से मिल जाती है. इनमें से कुछ की क़ीमत 250 रूपये है तो कुछ 325 रूपये की मिल जाती है और इन्हें इस्तेमाल करना भी काफ़ी आसान होता है.

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दुकानदार ने बताया कि पिछले 5-6 दिनों में इनकी बिक्री काफ़ी ज़्यादा बढ़ गयी है, रोज़ाना 15 से 18 टेस्ट किट उनकी दुकान में बिक रही है जो पहले एक दिन में 4 से 5 ही बिक पाती थी. दुकानदार ने इसके पीछे दो वजहें बतायी, पहली कोरना के लगातार बढ़ते मामले और दूसरी ये कि मौसम परिवर्तन की वजह से लोगों के ज़्यादा बीमार पड़ने से भी लोग इस किट के जरिये ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं वो कोरोना की वजह से बीमार तो नहीं.

इसके अलावा जब हमने दुकानदार से पूछा कि क्या इस किट को ख़रीदने वालों का कोई डेटा लिया जाता है? यानि अगर वो पॉज़िटिव निकले तो इसकी जानकारी प्रशासन या सरकार को कैसे दी जाती है? इस पर दुकानदार ने कहा कि कुछ लोग खुद से अपडेट कर देते हैं लेकिन कुछ नही, फ़िलहाल ऐसा कोई डेटा तैयार भी नहीं किया जा रहा है.

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दुकान पर सेल्फ़ टेस्ट किट ख़रीदने पंहुचे शख्स ने हमें बताया कि उनके घर पर एक सदस्य बीमार हैं और उनके लिये वो ये किट लेकर जा रहे हैं. मोंटी ने बताया कि ये किट काफ़ी सस्ती पड़ती है और घर बैठे ही पता भी चल जाता है कि कहीं किसी को कोरोना तो नहीं. अस्पताल या किसी सेंटर पर जाकर टेस्ट कराने में समय भी काफ़ी लगता है और उसकी रिपोर्ट भी देर से आती है. ऐसे में ये सेल्फ टेस्ट किट ज़्यादा सही उपाय है. 

वहीं शख्स से जब ये पूछा गया कि क्या घर के सदस्य जिसकी जांच के लिये वो ये किट ले जा रहे हैं, अगर पॉज़िटिव निकलते है तो वो इसकी जानकारी लोकल प्रशासन या सरकार को देंगे तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी वो अपने RWA ग्रुप या आरोग्य सेतु एप पर अपडेट कर देंगे ताकि सरकार को इसकी जानकारी मिल सके.

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दिल्ली के लोक नायक ( LNJP) अस्पताल के मेडिकल डायरेक्ट डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि ऐसे कई लोग हैं, जो किट के इस्तेमाल के बाद अपनी जानकरी अपडेट नहीं करते, ये बेहद ग़लत है. पॉज़िटिव आने पर इसकी जानकरी सरकार या प्रशासन को ज़रूर होनी चाहिये ताकि वो ज़रूरी मदद कर सके. हालांकि डॉ सुरेश कुमार ने ये भी बताया कि इन सेल्फ़ टेस्ट किट का इस्तेमाल काफ़ी सुरक्षित और आसान भी है इसलिए लोग इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं.

इस मामले में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन से भी सवाल पूछा गया कि इन दिनों ज़्यादात्तर लोग केमिस्ट से कोविड टेस्ट किट ख़रीदकर खुद ही घर पर टेस्ट कर रहे हैं, तो क्या इसकी जानकारी सरकार को मिल रही है? और इसके डेटा सरकार कैसे तैयार कर रही है? इस पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने जवाब देते हुये कहा कि ICMR ने उसके लिए गाइडलाइन्स बनाई हुयी है, उसकी रिपोर्ट वहां अपलोड होती है. हमारे हेल्थ बुलेटिन में भी वो दिखती है.

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