कोरोना संकट के बीच स्कूल बसों के टैक्स को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने किया बड़ा फैसला

महाराष्ट्र (Maharashtra) में महा विकास अघाड़ी सरकार (MVA) की कैबिनेट ने कोविड के चलते स्कूल बसों के लिए बड़ा फैसला किया है. सरकार ने कहा है कि कोविड के मद्देनजर स्कूल बसों को सालाना टैक्स में 100 फीसदी की छूट दी जाएगी. इससे बस मालिकों को 4,000 रुपये तक का लाभ होगा. वहीं इससे सरकार को 8.50 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा. कैबिनेट के फैसले के अनुसार 1 अप्रैल 2020 से लेकर 30 सितंबर 2021 तक का टैक्स माफ किया जाएगा. राज्य परिवहन विभाग ने 100 फीसदी टैक्स माफ करने का प्रस्ताव दिया था. इससे पहले कई संगठनों ने बसों का सलाना कर माफ करने की मांग की थी.

बीते साल दूसरी लहर कमजोर पड़े के बाद महाराष्ट्र में कुछ दिनों के लिए स्कूल खुले थे लेकिन ओमिक्रोन वेरिएंट और कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच स्कूलों को बंद कर दिया गया.  महाराष्ट्र में मंगलवार को कोविड-19 के 34,424  पाए गए. हालांकि मुंबई में 11,647 नए संक्रमित पाए गए. राज्य में फिलहाल  2,21,477  एक्टिव केस हैं.

मराठी साइन बोर्ड पर भी कैबिनेट ने लिया फैसला
वहीं एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने कहा है कि 10 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों समेत सभी संस्थानों के लिए मराठी साइनबोर्ड अनिवार्य होंगे. जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने नियम बनाया था कि सभी दुकानों पर मराठी में भी साइनबोर्ड होने चाहिए.  कई जगहों पर नाम अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में हुआ करता था. हालांकि मराठी में नाम छोटे अक्षरों में हुआ करते थे. महाराष्ट्र सरकार के आज के फैसले से साइनबोर्ड पर मराठी में नाम किसी भी अन्य भाषा जितना बड़ा होना चाहिए. कैबिनेट ने उस संशोधन को मंजूरी दे दी है जिसमें कहा गया है कि मराठी-देवनागरी लिपि के अक्षरों को अन्य (अंग्रेजी या अन्य) लिपियों के अक्षरों से छोटा नहीं रखा जा सकता है. अब छोटी दुकानों पर मराठी के साथ-साथ बड़ी दुकानों पर भी बोर्ड लगाने होंगे. 

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