कबाड़ हो चुकी कार से फायदा कैसे कमाएं: जब नई कार खरीदेंगे तब 1.50 लाख रुपए का होगा फायदा, खबर में समझें पूरा गणित

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहलेलेखक: नरेंद्र जिझोतिया

स्क्रैप पॉलिसी को लेकर ज्यादातर लोगों यही सोच रहे हैं कि कार कबाड़ तो होगी ही, नुकसान अलग से होगा। जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मान लीजिए आप दिल्ली में हैं। वहां पर आप अपनी कार को स्क्रैप कराने ले जाते हैं। तब आपको दो फायदे होंगे। पहला आपको डिपॉजिट सर्टिफिकेट मिलेगा। इससे नई कार खरीदने पर उसकी एक्स-शोरूम कीमत पर 5% का फायदा मिलेगा। दूसरा उस कार की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगेगी।

इन दोनों फायदे को एक उदाहरण से समझिए। जैसे, आपको डीजल कार 10 साल चलाने के बाद स्क्रैप कराना होगी। क्योंकि इसे कोई खरीदेगा नहीं। यानी उसका कबाड़ होना तय है। लेकिन कबाड़ में बेचेंगे तब शायद 10-20 हजार या उससे थोड़े-बहुत ज्यादा रुपए मिल जाएं। इसी कार को स्क्रैप कराकर 10 लाख रुपए की नई कार खरीदते हैं तब 5% का डिस्काउंट और रजिस्ट्रेशन फीस माफ। यानी कार की एक्स-शोरूम कीमत पर 50 हजार रुपए का डिस्काउंट मिलेगा और 1 लाख रुपए की RTO फीस भी बच जाएगी। यानी आपको 1.50 लाख रुपए का फायदा होगा। दिल्ली में 10 लाख रुपए या उससे ज्यादा कीमत वाली कार पर 10% RTO फीस लगती है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नोएडा में पुरानी गाड़ियों को रिसाइकल करने की पहली यूनिट का शुभारंभ भी कर दिया है। ये स्क्रैप सेंटर मारुति सुजुकी और टोयोटा द्वारा तैयार किया गया है। 10,993 वर्ग मीटर के फैले इस सेंटर में 44 करोड़ का निवेश किया गया है। कार स्क्रैपिंग का काम कैसे किया जाता है, इस बारे में कई लोग नहीं जानते। यानी आपको अपनी कार भी स्क्रैप कराना है, तब क्या करना होगा? इस खबर में हम आपको यही बताने वाले हैं। इसे आप स्टेप-बाय-स्टेप समझें…

इस पॉलिसी में 10 साल पुरानी डीजल कार और 15 साल पुरानी पेट्रोल कार को स्क्रैप किए जाने का नियम बनाया गया है। हालांकि, अब कारों के फिटनेस टेस्ट किया जाएगा। कार का इंश्योरेंस कराने के लिए अब उसका फिटनेस टेस्ट सर्टिफिकेट जरूरी हो जाएगा। इस वजह से सभी कारों का हर साल फिटनेस टेस्ट किया जाएगा। यदि आपकी कार इस फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है तब उसे स्क्रैप के लिए भेजा जाएगा।

सरकार ने व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी को वॉलियंटरी व्हीकल मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम (VVMP) नाम दिया है। अगर किसी व्यक्ति की गाड़ी फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है तो उसे देश भर में 60-70 रजिस्टर्ड स्क्रैप फैसिलिटी में अपनी गाड़ी जमा करना है। सभी बड़े और मेट्रो शहरों में स्क्रैपिंग सेंटर खोले जा रहे हैं। यदि आपके शहर में ये सेंटर नहीं होगा तब आपको नजदीकी शहर वाले सेंटर में कार ले जानी होगी।

अपने कार से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, एक पहचान पत्र ले लें। इन सभी की फोटोकॉपी भी करा लें। ये सारे डॉक्यूमेंट्स आपको स्क्रैपिंग सेंटर पर दिखाने होंगे। बेसिक फॉर्मेलिटी के बाद कार का स्क्रैप करने का काम शुरू हो जाएगा। आपके सामने आपकी गाड़ी के सभी पार्ट्स को अलग किया जाएगा।

कार के जरूरी कॉम्पोनेंट/पार्ट्स को अलग किया जाएगा। इन्हें दोबारा काम में लाया जा सकता है। खासकर स्टील सबसे बड़ा रॉ मटेरियल है। बैटरी, धातु, ऑयल, कूलेंट को ग्लोबल एनवायरमेंट स्टैंडर्ड के अनुसार नष्ट किए जाएंगे, ताकि इन्हें दोबारा यूज में नहीं लाया जा सके। कार को कोई भी पार्ट आपको नहीं दिया जाएगा। जब कार स्क्रैप हो जाए तब अपने सभी ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स वापस लें। साथ ही इंजन नंबर, चेसिस नंबर की प्लेट भी ले लें।

जिस भी स्क्रैपिंग सेंटर पर आपकी कार स्क्रैप हो जाती है, तब वहां से एक स्क्रैपिंग से जुड़ा डॉक्यूमेंट दिया जाता है। इसे डिपॉजिट सर्टिफिकेट कहते हैं। सर्टिफिकेट में आपकी गाड़ी (मॉडल और रजिस्ट्रेशन नंबर) इतनी तारीख को स्क्रैप कर दी गई है, इस बात की डिटेल होती है। ऑटो कंपनियां इस सर्टिफिकेट पर नई गाड़ी खरीदते समय एक्स-शोरूम प्राइस के 5% तक का डिस्काउंट देंगी। इसके अलावा नए व्हीकल की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगेगी।

कार को स्क्रैप करने के बाद ग्राहक को एक डिस्ट्रक्शन सर्टिफिकेट भी जारी किया जाता है। ये सर्टिफिकेट रीजलन ट्रांसपोर्ट ऑफिस में जाकर जमा करना पड़ता है। जिसके बाद आपकी कार को सड़क पर दौड़ने वाली गाड़ियों की लिस्ट से बाहर कर दिया जाता है, ताकि भविष्य में कोई आपकी गाड़ी के नंबर का मिसयूज नहीं कर सके।

खबरें और भी हैं…