PMC बैंक के ग्राहकों को राहत: 3-10 सालों में लौटाई जाएगी पूरी जमा रकम, रिजर्व बैंक ने दी विलय के लिए मंजूरी

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मुंबई28 मिनट पहले

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सहकारी बैंक पंजाब एंड महाराष्ट्र को ऑपरेटिव (PMC) बैंक के ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसे यूनिटी स्माल फाइनेंस बैंक (USFB) में मिलाने की मंजूरी दे दी है। बैंक के ग्राहकों को 3 से 10 सालों में जमा रकम मिल जाएगी।

USFB को भारत पे और सेंट्रम ने शुरू किया था

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के यूनिटी स्माल फाइनेंस बैंक (USFB) में PMC बैंक को मिलाया जाएगा। यूनिटी बैंक को भारत पे और सेंट्रम ने मिलकर शुरू किया है। सोमवार को रिजर्व बैंक ने कहा कि इस सौदे के तहत PMC बैंक की संपत्तियों और देनदारियों सहित उसकी सारी जमा रकम को भी USFB लेगा।

रिजर्व बैंक ने जारी किया ड्राफ्ट

रिजर्व बैंक ने जो ड्राफ्ट जारी किया है, उसके मुताबिक, PMC बैंक में ग्राहकों की जमा रकम को 3 से 10 सालों में लौटाया जाएगा। हालांकि USFB डिपॉजिट इंश्योरेंस के तहत पहले 5 लाख रुपए तक की गारंटी वाली रकम देगा। अगर किसी की रकम इससे ज्यादा जमा है तो फिर उसे 3 सालों में 50 हजार रुपए और अगले 4 सालों में एक लाख रुपए देगा। इसके बाद 5 सालों में 3 लाख रुपए दिया जाएगा जबकि 5.5 लाख रुपए दस साल में दिया जाएगा। बैंक के 84% ग्राहकों को जमा रकम मिल चुकी है।

कोई ब्याज नहीं मिलेगा

रिजर्व बैंक ने कहा कि मार्च 2021 के बाद से पांच सालों तक कोई ब्याज ग्राहकों को नहीं मिलेगा। हालांकि पांच साल बाद 2.75% की दर से ब्याज दिया जाएगा। PMC बैंक की कुल 137 शाखाएं हैं और 11,600 करोड़ रुपए का डिपॉजिट है। यूनिटी बैंक दिल्ली का बैंक है और इसे 1,100 करोड़ रुपए के साथ शुरू किया गया है।

RBI ने कहा कि इस योजना से संबंधित सभी मामलों पर 10 दिसंबर तक सुझाव मांगे गए हैं। इसमें अगर किसी को कोई आपत्ति या कुछ भी कहना है तो वह इस तारीख तक कह सकता है। इसके बाद PMC को USFB में मिला दिया जाएगा।

कुछ समय पहले की गई थी खरीदने की पेशकश

PMC को कुछ समय पहले सेंट्रम और भारत पे ने खरीदने की पेशकश की थी। रिजर्व बैंक ने इसे उसी समय मंजूरी भी दे दी थी। हाल में रिजर्व बैंक ने PMC पर प्रतिबंधों को दिसंबर तक बढ़ा दिया है। वर्ष 2019 में जब PMC बैंक का घोटाला उजागर हुआ तो सितंबर 2019 में रिजर्व बैंक ने PMC बैंक के निदेशक मंडल को खत्म कर दिया। बैंक पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए।

घोटाले के संकेत बहुत पहले मिले थे

HDIL और DHFL वधावन की कंपनियां थीं। PMC बैंक ने HDIL के साथ मिलकर अपने डिपॉजिट्स में हेरफेर की। बदले में HDIL की पूरी ब्लैक मनी PMC बैंक के कैश डिपॉडिट में दिखाया गया। इस बढ़ी हुई कैश लिमिट की जानकारी RBI को नहीं दी गई।

बुरा फंसा कर्ज 9% था

PMC बैंक का बुरा फंसा कर्ज यानी NPA 9% था, लेकिन बैंक ने इसे केवल 1% दिखाया। PMC बैंक ने अपने सिस्टम में 250 करोड़ रुपए का बोगस डिपॉजिट दिखाया। बैंक ने NPA करने वाली कंपनियों जैसे कि DHFL और HDIL को बडी मात्रा में नया लोन दिया। यह लोन इन कंपनियों के डायरेक्टर्स के रिश्तेदारों या पार्टनर के नाम पर दिए गए। बैंक के लोन बुक को बढ़ाने का लिए नकली डिपॉजिट दिखाए गए।

नकदी निकासी पर लगी थी रोक

RBI ने 20 जून को जमाकर्ताओं के लिए नकदी निकासी की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिया था। पहली बार इस पर 6 महीने का प्रतिबंध लगाया गया था। फिर इसे बढ़ाकर 22 दिसंबर, 2020 तक कर दिया था। रिजर्व बैंक ने पांच जून, 2019 को निकासी की सीमा 50 हजार रुपए कर दी थी। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व महाप्रबंधक एके दीक्षित को नया प्रशासक नियुक्त किया गया था।

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