फीचर आर्टिकल: कॉइनस्विच कुबेर ने जुटाया 1,963 करोड़ रुपए का सीरीज C फंड; 14,343 करोड़ रुपए के वैल्यूएशन के साथ बना भारत का सबसे बड़ा क्रिप्टो एसेट प्लेटफार्म

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एक घंटा पहले

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कंपनी के COO विमल सागर, CTO गोविंद सोनी और CEO आशीष सिंघल। (बाएं से दाएं)

बेंगलुरू की क्रिप्टो स्टार्टअप कॉइनस्विच कुबेर को एंड्रीसीन होरोविट्ज (a16Z) और कॉइनबेस से 26 करोड़ डॉलर (लगभग 1,963 करोड़ रुपए) का सीरीज C फंड मिला है। निवेश के इस राउंड में कंपनी के मौजूदा निवेशकों- पैराडाइम, रिबिट कैपिटल, सिकोइया कैपिटल और टाइगर ग्लोबल ने पैसा लगाया है। यह जानकारी कॉइनस्विच कुबेर के क्रिप्टो प्लेटफार्म पर एक करोड़ से भी ज्यादा भारतीयों के आने के बाद दी गई है।

कॉइनस्विच कुबेर में कॉइनबेस ने किया 1,132 करोड़ रुपए का निवेश

कॉइनबेस ने कॉइनस्विच कुबेर में 15 करोड़ डॉलर यानी लगभग 1,132 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यह अमेरिका के बाहर किसी भी कंपनी में इसका सबसे बड़ा निवेश है। इस फंडिंग राउंड से कॉइनस्विच कुबेर को यूनिकॉर्न का दर्जा मिल गया है। यह 1.9 अरब डॉलर (14,343 करोड़ रुपए) के वैल्यूएशन के साथ भारत की सबसे वैल्यूएबल क्रिप्टो कंपनी बन गई है। कॉइनस्विच कुबेर ने B सीरीज राउंड में 188 करोड़ का फंड जुटाया था।

ग्लोबल वेंचर कैपिटल लीडर a16Z ने लगाए 604 करोड़ रुपए से अधिक

दिग्गज ग्लोबल वेंचर कैपिटल लीडर a16Z ने कॉइनस्विच कुबेर में 8 करोड़ डॉलर यानी 604 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है। यह किसी भारतीय कंपनी में इसका पहला निवेश है। कॉइनबेस क्रिप्टो करेंसी मार्केट की दिग्गज कंपनी है जो क्रिप्टो इकोनॉमी की बुनियाद रखने के लिए जानी जाती है। यह दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में से एक का संचालन करती है।

कंपनी के बिजनेस मॉडल में भरोसे की निशानी है कॉइनबेस का निवेश

कॉइनस्विच कुबेर के को-फाउंडर और सीईओ आशीष सिंघल कहते हैं, ‘दुनिया के क्रिप्टो मार्केट के दो दिग्गजों के कॉइनस्विच कुबेर में भरोसा जताने से हम अभिभूत हैं। एंड्रीसीन होरोविट्ज ने भारत में अपने पहले निवेश के लिए हमें चुना है। कॉइनबेस का निवेश बताता है कि कंपनी के बिजनेस मॉडल में उनका बहुत भरोसा है। उन्हें भारत के क्रिप्टो स्पेस में अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं।’

संस्थागत निवेशकों की सभी जरूरतें पूरी करने वाला यूनीक प्रोडक्ट बनाएगी

कॉइनस्विच कुबेर इस फंड का इस्तेमाल टैलेंट और प्रॉडक्ट्स में निवेश के जरिए अपनी ग्रोथ बढ़ाने में करेगी। कंपनी की अपने प्लेटफार्म पर क्रिप्टो के अलावा नई एसेट क्लास में ट्रेडिंग शुरू कराने की भी योजना है। इसके जरिए वह संस्थागत निवेशकों को उनकी सभी आवश्यकताएं पूरी करने वाला यूनीक प्रोडक्ट दिलाना चाहती है।

देश में नॉलेज आधारित क्रिप्टो ईकोसिस्टम तैयार करेगी कॉइनस्विच कुबेर

कंपनी एक ऐसा ईकोसिस्टम फंड तैयार करना चाहती है जिससे देश में उभरती प्रतिभाओं को सक्षम बनाया जा सकेगा। कॉइनस्विच कुबेर फंड का इस्तेमाल देश में नॉलेज आधारित क्रिप्टो ईकोसिस्टम तैयार बनाने और निवेशकों को क्रिप्टो के बारे में जानकारी देने में करेगी।

14 महीनों के भीतर 1 करोड़ से ज्यादा यूजर्स और 250 से ज्यादा कर्मचारी

कॉइनस्विच कुबेर को 2017 में आशीष सिंघल, गोविंद सोनी और विमल सागर ने एक ग्लोबल कंपनी के रूप में शुरू किया गया था। सिंघल कंपनी के सीईओ, सोनी सीटीओ और सागर सीओओ हैं। कंपनी ने भारत में अपना कारोबार जून 2020 में शुरू किया था। उसने 14 महीनों के भीतर ही 1 करोड़ से ज्यादा यूजर्स और 250 से ज्यादा कर्मचारियों का विशाल संस्थान बना लिया।

फाइनेंशियल इनक्लूजन में विश्वास, क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को सर्वसुलभ बनाना मकसद

यह स्टार्टअप एक क्लिक से 80 से ज्यादा कॉइन खरीदने की सुविधा देकर क्रिप्टो में निवेश को ऑनलाइन फू़ड ऑर्डर करने जितना आसान बनाता है। इसके लीडर फाइनेंशियल इनक्लूजन में विश्वास रखते हैं, इसलिए कंपनी का लक्ष्य क्रिप्टोकरेंसी के निवेश को ऐसा बनाना है जिसमें कोई भी शख्स पैसा लगा सके।

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