इन्वेस्को और जी का विवाद बढ़ा: रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दी थी जी एंटरटेनमेंट के साथ विलय का ऑफर, जी ने ठुकरा दिया था

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मुंबईएक घंटा पहले

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जी एंटरटेनमेंट और उसकी सबसे बड़ी विदेशी निवेशक इन्वेस्को के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इन्वेस्को ने कहा है कि मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जी एंटरटेनमेंट को मिलाने का ऑफर दिया था। हालांकि जी के MD पुनीत गोयनका ने इस ऑफर को ठुकरा दिया था।

शेयर बाजार को दी जानकारी

जी एंटरटेनमेंट के बोर्ड ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि इनवेस्को खुद एक बड़े भारतीय समूह और कुछ संस्थाओं के साथ विलय के लिए प्रस्ताव लेकर आई थी। इसी के बाद इन्वेस्को ने यह जवाब दिया है। उधर जी और इन्वेस्को के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट में 21 अक्टूबर को सुनवाई होगी। कोर्ट ने 20 अक्टूबर तक इन्वेस्को को एफिडेविट फाइल करने का आदेश दिया है।

हाईकोर्ट ने जी के वकील से कहा कि जब मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में है, तो इसे हाईकोर्ट में क्यों लाया गया? 2 अक्टूबर को जी एंटरटेनमेंट इन्वेस्को के खिलाफ कोर्ट में गई थी। इन्वेस्को ने NCLT में मामला दर्ज कराया था।

पुनीत गोयनका को MD बनाने की पेशकश की गई थी

विलय के बाद बनी इकाई में पुनीत गोयनका को MD बनाने की पेशकश की गई थी और 4% हिस्सेदारी देने की भी बात की गई थी। जी एंटरटेनमेंट ने शेयर बाजार को दी सूचना में आरोप लगाते हुए कहा कि इनवेस्को की बातें विरोधाभासी हैं। कंपनी ने कहा कि शेयर बाजारों को इनवेस्को द्वारा गलत सूचना दी गई है।

जी एंटरटेनमेंट ने कंपनी का नाम नहीं बताया

हालांकि, जी एंटरटेनमेंट ने उस कंपनी के नाम का जिक्र नहीं किया है, जिसका प्रस्ताव लेकर इन्वेस्को आई थी। अब इसी मामले में इन्वेस्को ने सफाई दी है। इन्वेस्को ने स्पष्ट तौर पर बताया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने कुछ मीडिया कारोबार के विलय का प्रस्ताव लेकर आई थी।

इन्वेस्को बोर्ड को हटाने की मांग कर रही है

बता दें कि इन्वेस्को मीडिया कंपनी जी एंटरटेनमेंट के निदेशक मंडल (बोर्ड) के पुनर्गठन की मांग कर रही है। इसके साथ ही कंपनी के MD पुनीत गोयनका और दो अन्य निदेशकों को हटाने के लिए एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी मीटिंग (EGM) बुलाने की मांग की थी। इस मांग को जी एंटरटेनमेंट ने ठुकरा दिया था। इसके बाद सोनी पिक्चर के साथ जी ने डील की है। इस डील को 90 दिनों में पूरा किया जाना है।

प्रस्तावित सौदे में विलय के बाद बनी इकाई में सोनी इंडिया की लगभग 53% हिस्सेदारी और शेष जी एंटरटेनमेंट के पास होगी। इस विलय का इन्वेस्को विरोध कर रही है।

निवेशकों को 10 हजार करोड़ का नुकसान होता

गोयनका के मुताबिक इस सौदे से कंपनी के निवेशकों को करीब 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता। इन्वेस्को ने कहा कि फरवरी में सौदे का जो प्रस्ताव था, उस पर रिलायंस और गोयनका व जी के प्रमोटर्स के बीच मोलभाव हुआ था। इन्वेस्को ने कहा कि इसमें उसकी भूमिका सिर्फ सौदे को आगे बढ़ाने की थी।

डिश टीवी ने यस बैंक की मांग खारिज की

उधर दूसरी ओर, बुधवार को डिश टीवी ने यस बैंक की EGM बुलाने की मांग को खारिज कर दी है। यस बैंक डिश टीवी के बोर्ड को बदलना चाहता है। डिश टीवी ने कहा कि रेगुलेटरी नियमों के तहत यह मांग सही नहीं है और इसलिए वह EGM नहीं बुलाएगी। यस बैंक और डिश टीवी के साथ भी विवाद है। डिश टीवी की प्रमोटर जी ग्रुप ही है।

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