एविएशन इंडस्ट्री की रिकवरी में बाधा: ज्यादा किराए की वजह से एयरलाइंस कंपनियों को आ रही हैं दिक्कतें, छोटी एयरलाइंस ज्यादा प्रभावित हो रही हैं

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मुंबईएक घंटा पहले

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बंगलुरु और दिल्ली के बीच औसत वन-वे किराया 23% बढ़कर 6,318 रुपए हो गया। बंगलुरु-कोलकाता के किराए में 34% की बढ़त देखी गई है

बढ़ते घरेलू हवाई किराए देश के एविएशन मार्केट की रिकवरी में बाधा डाल रहे हैं। यह इंडस्ट्री कोरोना के प्रभाव से पहले से ही जूझ रही है। अगस्त के बाद से हवाई किराए में काफी तेजी से वृद्धि हुई है। इससे छोटी एयरलाइंस ज्यादा प्रभावित हो रही हैं।

त्यौहारी सीजन में बढ़ रही है यात्रियों की संख्या

त्यौहारी सीजन के दौरान जब ज्यादा लोग यात्रा करने लगे तो किराए की सीमा को सरकार ने धीरे-धीरे बढ़ाना शुरू कर दिया। किराए की सीमा बुकिंग के 30 दिनों के भीतर शुरू होने वाली उड़ानों के लिए लागू है। इसके अलावा, एयरलाइंस को एक विमान में 72.5% सीटें ही बेचने की अनुमति है।

किराए की सीमा को हटाने की मांग

बड़ी एयरलाइंस कंपनियां और एयरपोर्ट ऑपरेटर्स ने सरकार से किराए की सीमा को हटाने की अपील की है। हालांकि, छोटी एयरलाइंस इस कदम का विरोध कर रही हैं। उन्हें डर है कि ऐसा करने से बड़ी एयरलाइंस द्वारा किराए में कमी की जाएगी। इसका सीधा असर उन पर पड़ेगा। अगर कोई व्यक्ति 3 लोगों के साथ टिकट बुकिंग के तीन हफ्ते के भीतर दिल्ली और कोच्चि के बीच यात्रा करता है तो उसे आने-जाने के लिए 60 हजार रुपए चुकाना होगा।

तीन व्यक्ति अगर दिल्ली और गुवाहाटी के बीच यात्रा करते हैं तो उन्हें 45,000 रुपए चुकाना होगा। भले ही यात्रा की तारीख से तीन सप्ताह पहले टिकट बुक किए जाएं। इसका मतलब यह है कि महानगरों के बीच हवाई किराए एक साल पहले की अपेक्षा इस महीने में 20 से 30% तक ज्यादा हैं।

पिछले महीने बढ़ा था किराया

पिछले महीने सरकार ने 40 मिनट से कम की उड़ानों के लिए न्यूनतम और अधिकतम किराया बढ़ाकर क्रमशः 2,900 रुपए और 8,800 रुपए कर दिया था। पहले यह किराया 2,600 और 7,800 रुपए था। सबसे लंबी दूरी यानी 180 से 210 मिनट की यात्रा के लिए कम से कम किराया 8,700 से बढ़ाकर 9,800 रुपए कर दिया गया था। जबकि अधिकतम किराया 24,200 से बढ़ाकर 27,200 रुपए कर दिया गया था।

मुंबई-दिल्ली के बीच किराया 30% बढ़ा

टिकट बुकिंग पोर्टल यात्रा के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल 1 सितंबर से 12 सितंबर के बीच नई दिल्ली और मुंबई के बीच एक ओर का किराया 30% बढ़कर 5,291 रुपए हो गया है। इसी तरह बंगलुरु और दिल्ली के बीच औसत वन-वे किराया 23% बढ़कर 6,318 रुपए हो गया। बंगलुरु-कोलकाता के किराए में 34% की बढ़त देखी गई है।

त्यौहारी मांग से बढ़ रहा है किराया

Ixigo के मुताबिक, हवाई किराए में वृद्धि त्यौहारी मांग में आ रही तेजी की वजह से भी है। हालांकि किराए की सीमा जो बढ़ाई गई है, वह भी एक कारण है। आने वाले महीने में त्यौहारी यात्रा के लिए कुछ लोकप्रिय रूट्स के लिए ट्रेन की बुकिंग भी 45% बढ़ गई है। बसों की बुकिंग 71% और फ्लाइट्स की बुकिंग 20% तक बढ़ी है।

बढ़ रही है यात्रियों की संख्या

इस हफ्ते की शुरुआत में विमान से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या कोरोना के पहले की तुलना में 60% पर पहुंच गई है। सरकार द्वारा किराए पर लगाई गई सीमा से रिकवरी बाधित हो रही है। क्योंकि देश में हवाई यात्रा करने वालों के लिए किराया कभी-कभी कम भी रखा जाना जरूरी हो जाता है। एक एयरलाइन के अधिकारी ने कहा कि अगर किराए की सीमा हटा दी जाए तो यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। हो सकता है कि यह कोरोना के पहले के लेवल पर पहुंच जाए।

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल में संकेत दिया था कि किराए और उड़ान क्षमता की सीमा बरकरार रहेगी। यानी निकट समय में इस सीमा को हटाने की कोई गुंजाइश नहीं है।

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