धोखाधड़ी से सावधान: KYC के नाम पर हो रहा है फ्रॉड, रिजर्व बैंक ने कहा, इस तरह की जालसाजी से ग्राहक बचें

मुंबई5 घंटे पहले

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने KYC के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी है। बैंक ने कहा कि KYC डॉक्यूमेंट के नाम पर फ्रॉड के कई मामले सामने आए हैं। इसलिए इन जालसाजों के झांसे में ग्राहक न आएं।

KYC के कारण किसी अकाउंट पर कार्रवाई न करें

दरअसल रिजर्व बैंक ने कोरोना के समय में बैंकों को यह आदेश दिया था कि वे KYC (नो योर कस्टमर) के चलते किसी भी अकाउंट को बैन न करें। रिजर्व बैंक ने कहा था कि दिसंबर 2021 तक यह व्यवस्था लागू रहनी चाहिए। किसी अकाउंट में यदि ग्राहकों की पूरी जानकारी नहीं है तो बैंक उस पर प्रतिबंध न लगाएं।

अपनी जानकारी किसी को न दें

RBI ने ग्राहकों को सावधान करते हुए कहा कि किसी भी KYC के मामले में फोन, SMS या ईमेल पर अपनी बैंकिंग डिटेल्स न दें। बैंकिंग डिटेल्स जैसे अकाउंट को लॉगइन करने की डिटेल्स, पर्सनल जानकारी, KYC डॉक्यूमेंट, कार्ड की जानकारी, पिन या पासवर्ड, वन टाइम पासवर्ड (OTP) जैसी कोई भी जानकारी किसी अपरिचित व्यक्ति को न दें।

वेबसाइट और ऐप पर भी जानकारी न दें

RBI ने कहा कि इस तरह की जानकारी किसी भी वेबसाइट पर या फिर किसी भी ऐप पर भी देने से बचना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति इन जानकारियों को मांगता है तो इसकी जानकारी अपने बैंक की शाखा में ग्राहकों को देनी चाहिए। रिजर्व बैंक की यह एडवाइजरी तमाम शिकायतों को मिलने के बाद आई है। रिजर्व बैंक को हाल के समय में इस तरह की तमाम शिकायतें मिली हैं जिसमें ग्राहकों ने KYC डॉक्यूमेंट के बारे में शिकायत की थी।

यह एक मोडस ऑपरेंडी है

RBI ने कहा कि यह एक मोडस ऑपरेंडी है। इसमें कॉल, SMS और ईमेल्स के जरिए ग्राहकों की जानकारी मांगी जाती है। ग्राहकों की जानकारी मिलते ही जालसाज लोग अकाउंट से पैसे गायब कर देते हैं। ऐसे में कभी भी अकाउंट संबंधित जानकारी बैंक की शाखा में ही देनी चाहिए या फिर बैंक की वेबसाइट पर जाकर उसे अपडेट करना चाहिए। कभी-कभी बैंकों की वेबसाइट से मिलती-जुलती वेबसाइट के लिंक भी साझा किए जाते हैं। इसलिए इस तरह की वेबसाइट के झांसे में आने से बचना चाहिए।

कई संस्थान समय-समय पर एडवाइजरी देते हैं

RBI, बीमा रेगुलेटर IRDAI, मार्केट रेगुलेटर सेबी और तमाम बैंक इस तरह की एडवाइजरी समय-समय पर ग्राहकों को देते रहते हैं। ग्राहकों को चाहिए कि अपने बैंक की डिटेल्स, डीमैट अकाउंट या बीमा पॉलिसी की जानकारी या कोई अन्य जानकारी केवल संबंधित संस्थानों के माध्यम से ही दें। हालांकि बैंक अकाउंट की निजी जानकारी जैसे पिन या पासवर्ड या कार्ड डिटेल्स बैंक कभी नहीं मांगता है। ऐसे में बैंक का प्रतिनिधि बताकर अगर कोई जानकारी मांगता है तो भी ग्राहकों को नहीं देनी चाहिए।

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